
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – कोरोना संक्रमण के ख़ौफ़ के बीच राज्य सरकार की पहल पर राजस्थान के कोटा में फंसे बच्चों को लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर ली है। मिली जानकारी के अनुसार जिले में कोटा से आने वाले छात्रो के रुकने की व्यवस्था विभिन्न स्कूलो में की गई है। जहाँ करीब 415 छात्रो को रखा जा सकता है। इसको लेकर रविवार को हुई विभागीय बैठक में जिले के चार स्कूल सहित एक लॉज को चयनित किया गया है। जिसमे जैन इंटरनेशनल स्कूल सकरी, सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी,एल सी आई टी स्कूल बिल्हा,कैरियर पॉइंट स्कूल लालखदान सहित जगदीश लॉज सदरबाजार शामिल है। जहाँ फिलहाल 415 छात्रो के रुकाने की व्यवस्था की गई है। मालूम हो उक्त सभी स्कूलो में रुकने वाले छात्रो की बेहतर व्यवस्था को लेकर सभी स्कूलो में अलग अलग तहसीलदार को प्रभारी बनाया गया है। ताकि कही भी कोई गलती की गुंजाइश ना हो। इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी अशोक भार्गव को भी इस सम्पूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है। कि कोटा से बिलासपुर आने वाले सभी छात्रो को 14 दिनों के लिए क्वांरटाईन कर रखा जाएगा। इस दौरान उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। बच्चों को क्वारंटाईन में रखने और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों ने भी अपनी तैयारियां कर रखी हैं। बताया जा रहा है। करीब 400 से ज्यादा बच्चे मंगलवार तक बिलासपुर पहुँचने वाले है। जिसको लेकर सभी को जिम्मेदारी सौप दी गई है।
परिजनो से सहयोग की अपील न करें बच्चों से मिलने की कोशिश…

राजस्थान के कोटा से रेस्क्यू कर आने वाले सभी छात्रो की जानकारी गोपनीय रखी जायेगी। ताकि छात्रो के परिजन भावुक होकर कोई गलत कदम ना उठा ले। इसको लेकर भी राज्य सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है। वही परिजनों से भी अपील की जा रही है कि वह बच्चों से मिलने की जल्दबाजी न करें, प्रशासन उनकी पूरी व्यवस्था सुनिश्चित कर चुका है।