
रमेश राजपूत

बिलासपुर – रतनपुर क्षेत्र की जिस महिला की रैपिड टेस्ट किट में कोरोना के लक्षण पाए गए थे, उस महिला की आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट रविवार देर रात पॉजिटिव आई है। मिली जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश (दिल्ली) नोएडा में काम करने वाली महिला मजदूर 3 जून को रतनपुर क्षेत्र में वापस लौटी थी, जिसके बाद उसे चोरहा देवरी मिडिल स्कूल में क्वारंटीन किया गया था। मालूम हो 22 वर्षीय महिला गर्भवती थी। शनिवार रात को उसे प्रसव पीड़ा उठी तो उसे प्रसव के लिए सिम्स लाया जा रहा था, जहाँ हॉस्पिटल पहुँचने से पूर्व ही महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया था। सिम्स हॉस्पिटल पहुँचते ही महिला की रैपिड टेस्ट किट से जांच की गई, जिसमे उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इधर महिला के आरडी किट में संक्रमित होने की पुष्टि होते ही बच्चे को मां से अलग कर दिया गया था। वही महिला के आरटी पीसीआर जांच सैम्पल रायपुर भेजे गए थे।

इस बीच बच्चे की भी जांच की गई थी, जिसे डॉक्टरो ने स्वस्थ बताया था, इसके बाद महिला को रविवार को वापस क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया था। जिसकी कोरोना पॉजिटिव आने की पुष्टि होते ही उसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल रायपुर एम्स भेज दिया गया है। बताया जा रहा है महिला का दो साल का एक और बच्चा भी है जो अब अपने पिता के साथ ही क्वारंटाइन सेंटर में रहता है। रविवार को सामने आए इस नए मरीज को मिलाकर अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या बढ़कर 94 हो गई है, तो वही एक्टिव मरीजो की संख्या अब 65 पहुँच गई है। जिनका इलाज रायपुर सहित बिलासपुर कोविड हॉस्पिटल में किया जा रहा है।
एम्बुलेंस में हुआ कोरोना संक्रमित महिला का प्रसव, ट्रैवल हिस्ट्री से हो सकते है चौकने वाले खुलासे..?

मिली जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय महिला को शनिवार देर रात प्रसव पीड़ा होते ही क्वारंटाइन सेंटर से एम्बुलेंस में सिम्स लाया जा रहा था। इसी बीच महिला की डिलीवरी एम्बुलेंस में ही हो गई थी। जिसे सिम्स लाने के बाद कोरोना के लक्षण दिखाई दिए थे। अब उसी महिला की आरटी पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एम्बुलेंस में मौजूद मेडिकल स्टाफ, क्वारंटाइन सेंटर के साथ ही सिम्स में महिला को अटेंड करने वाले मेडिकल स्टाफ भी कोरोना के जद में आ सकते है। हालाकि रायपुर से महिला की रिपोर्ट आने के बाद महिला के ट्रैवल हिस्ट्री की जांच शुरु कर दी गई है। जिसमे कई चौकने वाले खुलासे भी हो सकते है!
कोरोना ने छीन ली माँ की ममता,,अब एम्स के कोरोना वारियर्स के भरोसे टिकी जच्चे और बच्चे की जिंदगी..

मौत के दूसरे रूप यानि कोरोना ने देश दुनिया मे मौत का कोहराम मचा दिया है। अब इसके जद में न्यायधानी का एक ऐसे परिवार आया है, जिनके समक्ष यह असमान परिस्थिति आ खड़ी हुई है कि वह घर मे आए नए चिराग की खुशी मनाए या फिर माँ के कोरोना संक्रमित होने का दुःख,,, इस बीच विडंबना यह भी है कि कोरोना के वजह से एक दिन के मासूम से माँ की ममता ही छीन ली है।

वह चाह के भी अपने बच्चे को दुलार नही दे सकेगी। हालाकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बच्चे को भी माँ के साथ एम्स भेजा गया है। जहाँ एम्स के डॉक्टर ही तय करेंगे की माँ और बच्चे मिल सकेंगे या नही? फिलहाल अब एम्स के कोरोना वॉरियर्स के हाथों ही सारा दारोमदार है, जो बच्चे का भविष्य तय करेगा।