
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – एक ओर स्वास्थ्य विभाग का अमला इस कोरोना काल से निपटने दमखम लगा रहा है। तो वही दूसरी ओर जिला अस्पताल के कुछ मतलबी डॉक्टर अपने जिम्मेदारी और अपने पेशे के प्रति जवाबदेह से बचते नजर आ रहे है। मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में पदस्थ ऐसे 33 डॉक्टर है जो ना तो कोविड हॉस्पिटल में ड्यूटी दे रहे है और ना ही मातृ एवं शिशु अस्पताल में कुल मिलाकर यह इस संकट के दौर में भी अपने घरों में दुबके हुए है। बताया जा रहा है केवल एक ही डाक्टर कोविड अस्पताल में अपनी सेवा दे रहे हैं।

32 डाक्टर कोविड अस्पताल में सेवा देने से पीछे हट रहे हैं। इधर जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कोविड अस्पताल में 50 से अधिक उम्र के डाक्टरों को नहीं रखा जा सकता इस उम्र के लोगों पर कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से फैलता है, इसलिए जिला अस्पताल के 32 डाक्टर अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं। प्रबंधन केे अनुसार संभागीय कोविड अस्पताल में नर्स, वार्ड ब्वाय सहित अन्य स्टाफ 50 से कम उम्र के रखेे गए हैं। कोविड अस्पताल में जिला अस्पताल के केवल एक डाक्टर डॉ. मनोज सिंह नोडल अफसर कोविड अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। जबकि कोविड अस्पताल में सेवा नहीं देने वाले डाक्टर मातृ एवं शिशु अस्पताल में भी दिखाई नहीं देते हैं। जिसको लेकर हॉस्पिटल के आला अफसर भी चुप्पी साधे हुए है। जिसके कारण अंचल के मरीजो को भी इलाज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉक्टरो के अनुपस्थिति से वार्डो में पसरा सन्नाटा..

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हॉस्पिटल प्रबंधन भले ही सभी डॉक्टरो की सेवा मातृ शिशु अस्पताल में ले रहे है। लेकिन मातृ एवं शिशु अस्पताल के अधिकांश वार्ड खाली खाली नजर आ रहे है, डॉक्टर्स का अस्पताल नहीं आने को लेकर कई बार सवाल उठ चुके है, इसके बाद भी प्रबंधन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।