
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम सैम्पलिंग करने का निर्णय लिया है। हालहि में हुई विभागीय बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के निर्देश पर मंगलवार से बिलासपुर में भी रैंडम सैम्पलिंग की शुरुआत की गई। जहाँ सीएमएचओ ऑफिस में शहर के अलग अलग क्षेत्रों से सैलून संचालको और वहाँ के वर्करों की आरटी पीसीआर जांच की गई। इसके पीछे विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि सैलून दुकान में हर तरह के लोग आते हैं। दुकान संचालक एक ही कपड़ा, सामान कई लोगो की हजामत करने के लिए उपयोग में लाते है। जिसके कारण यदि कोई संक्रमित व्यक्ति इनके दुकान में हजामत के लिए आता हैं तो उससे कई लोगो को संक्रमण फैल सकता है। जिस वजह से उनकी ही रैंडम सैम्पलिंग की गई है। मंगलवार को 53 सैम्पलिंग ली गई है। जिसे जाच हेतु रायपुर भेजा गया है। गौरतलब है कि पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव के नेतृत्व में आयोजित बैठक में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 12000 टेस्ट करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने जांच में तेजी लाने रैंडम सैम्पलिंग पर जोर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो आगामी दिनों से सार्वजनिक स्थानों से किसी भी व्यक्ति कीआरटीपीसीआर जांच सैम्पल कलेक्ट किया जाएगा। जिससे जिले के साथ प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फैलाव के बारे में वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी। जिससे उसे नियंत्रित करने उचित कदम उठाए जाएंगे।
फल,सब्जी विक्रेता सहित अन्य व्यवसायियों की भी होगी जांच..

जिला सर्विलेस अधिकारी डॉ. एस के लाल के अनुसार जिले में कोरोना की रैंडम सैम्पलिंग केवल शहरीय क्षेत्रों में ही सीमित नही रहेगी, जांच का दायरा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाएगा। जहाँ सब्जी, फल सहित अन्य व्यवसायियो की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी। क्योकि आम जनता रोजाना किसी न किसी बहाने अपने आसपास के दुकान बाजारों में खरीदारी करने जाते है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि एक भी पॉजिटिव मरीज व्यवसायियों के सम्पर्क में आया तो निश्चित रूप से वह अन्य लोगो को भी संक्रमित कर सकता है।