
रमेश राजपूत
रायगढ़ – जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में हुए दिल दहला देने वाले डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का रायगढ़ पुलिस ने 21 दिन की गहन जांच के बाद खुलासा कर दिया है। इस जघन्य वारदात में पुलिस ने 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी ने पहले महिला के साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया, विरोध करने पर ईंट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद रो रही 10 माह की मासूम बच्ची का भी गला घोंटकर और ईंट से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को ग्राम छापरपानी की एक महिला ने थाना लैलूंगा में सूचना दी कि उसकी 35 वर्षीय मौसेरी बहन, जो पति की मृत्यु के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती थी, गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में अपनी 10 माह की बेटी के साथ रहती थी।

सुबह दोनों गंभीर हालत में मिले। बच्ची की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्वयं जांच की लगातार मॉनिटरिंग की। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया, लेकिन सुनसान स्थान और प्रत्यक्षदर्शियों के अभाव में जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी। थाना प्रभारी गिरधारी साव ने गांव में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई और वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान ग्राम कोड़ासिया निवासी 65 वर्षीय भिखारीराम नागवंशी पर संदेह गहराया। पूछताछ में उसके हाथ पर चोट के निशान मिले थे, लेकिन शुरुआती पूछताछ में उसने अपराध से इंकार कर दिया। बाद में साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के दबाव में वह टूट गया और पूरी वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह महिला के पास पहुंचा और जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने ईंट से महिला के सिर और चेहरे पर कई वार किए। महिला के बेहोश होने के बाद उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान 10 माह की बच्ची रोने लगी तो पहचान उजागर होने के डर से उसने उसका गला दबा दिया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। घटना के बाद वह खून से सनी धोती बदलकर घर लौट गया, जिसे पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह सफलता वैज्ञानिक जांच, धैर्य, सतत निगरानी और पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।