
रमेश राजपूत
जांजगीर-चांपा – जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में काले कागज को केमिकल के जरिए असली भारतीय नोट में बदलने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से केमिकल पाउडर, नोट जैसे दिखने वाले काले कागज और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक नवागढ़ निवासी साहिल कुमार के पिता के मोबाइल पर करीब 10 दिन पहले तेरस राम महिपाल का फोन आया था। उसने खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास विशेष केमिकल है, जिससे काले कागज को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है। आरोपी ने 50 हजार रुपये के बदले ढाई लाख रुपये मूल्य का काला कागज और केमिकल देने का लालच दिया। झांसे में आया प्रार्थी 6 अगस्त को गोविदा पुल के पास पहुंचा, जहां तेरस राम के साथ शिव प्रसाद मनहर और रामरतन साहू भी मौजूद थे। तीनों ने काले कागज के बदले 50 हजार रुपये मांगे। संदेह होने पर प्रार्थी ने पूछताछ की तो तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इससे 50 हजार रुपये की ठगी होने से बच गई। शिकायत पर नवागढ़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 246/2026 के तहत धारा 318(2), 61(2) BNS में मामला दर्ज किया। साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर तेरस राम महिपाल 34 वर्ष, रामरतन साहू 35 वर्ष और शिव प्रसाद मनहर 36 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड शिव प्रसाद मनहर पूर्व में जैजैपुर में 24 लाख और रायपुर के गंज थाने में 85 लाख रुपये के नकली नोट के मामले में चालान हो चुका है। कार्रवाई एसपी विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई।