
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – निजी स्कूलों के प्रति आकर्षित अभिभावकों का मोह भंग करने राज्य सरकार अब कटिबद्ध नजर आ रही है। जिसके तहत अब प्रदेश के करीब 40 शासकीय स्कूलो को अपग्रेड कर उनमें एडमिशन प्रक्रिया को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने समस्त जिला कलेक्टरों को एक जुलाई तक चयनित शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलो में एडमिशन के साथ ऑनलाइन क्लास लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने आदेश जारी किया है। हालाकि प्रदेश के शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलो के लिए शिक्षकों की व्यवस्था के संबंध में राज्य शासन द्वारा कुछ पदों पर पदस्थापना की गई है, परंतु अधिकांश पद रिक्त हैं। रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा संविदा पर भर्ती की कार्रवाई पूर्व निर्देशानुसार की जानी है। उक्त आदेश में सभी जिला कलेक्टरों को 30 जून तक नियुक्ति करने आदेशित किया गया है। मालूम इस पायलेट प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर जिले में भी तीन हायर सेकंडरी स्कूलो को अपग्रेड किया गया है। जिसमे शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल घोड़ादाना तारबाहर, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मंगला सहित लाला लाजपतराय हायर सेकंडरी स्कूल खपरगंज शामिल है। जहाँ फिलहाल तीन प्राचार्यों की नियुक्ति की गई है। वही 63 शिक्षको की नियुक्ति आदेश अभी विभाग को अप्राप्त है। आपको बता दे जिले के तीन चयनित स्कूलो में पहली से 12 वी क्लास तक अध्ययन अध्य्यापन के साथ 1440 बच्चो की बैठक व्यवस्था की गई है। साथ ही निगम के साथ मिलकर स्कूलो में फर्नीचर, लाइट और अपग्रेड लैब को इंस्टॉल करने की तैयारी की जा रही है। जिसको पूरा करने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।
शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलो के अधोसंरचना पर फोकस…

शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वह जिले के सर्वश्रेष्ठ निजी स्कूलों का भ्रमण करें और देखें की उन निजी स्कूलों में किस प्रकार की अधोसंरचनाएं हैं। कलेक्टरों का पूरा प्रयास होना चाहिए कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से बेहतर स्तर की अधोसंरचनाएं विकसित की जाएं। इसके लिए विशेष रूप से कक्षा के फर्नीचर, प्रयोगशाला, उपकरण और पुस्तकालय की अधोसंरचना और अच्छी पुस्तकों की सूची महत्वपूर्ण है। कलेक्टर स्वयं इस कार्य में रूचि लेकर उच्च गुणवत्ता के स्कूल तैयार करवाएं। इस कार्य की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करें।
15 जुलाई से वर्चुवल क्लास लेने निर्देश नेट कनेक्टिविटी सहित शिक्षको की उपस्थिति अनिवार्य…

प्रदेश के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में वर्चुअल कक्षा 15 जुलाई से प्रारंभ करने निर्देशित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में एक हाई ब्राडबेंड का इंटरनेट कनेक्शन के साथ विद्यालय के भीतर आंतरिक वायरिंग करके प्रत्येक कक्षा में पृथक वाई-फाई राउटर लगाने कहा गया है ताकि बिना किसी समस्या के शिक्षक अपनी-अपनी कक्षाओं से वर्चुअल क्लास ले सके। इसके अलावा प्राथमिक स्तर की कक्षाओं में वर्चुअल कक्षाओं का समय प्रतिदिन एक-दो घंटे से अधिक न रखा जाए और वर्चुअल कक्षाएं इस रूप में आयोजित करने को कहा गया है। जिससे विद्यार्थी आनंददायी तरीके से अपने अभिभावकों से मिलकर शैक्षणिक गतिविधियां कर सके।
एडमिशन को लेकर यह दायरे किए गए तय…
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में विद्यार्थियों की भर्ती के संबंध में कहा गया है। कि प्रवेश में प्राथमिकता का क्रम निर्धारित करने के लिए कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए एक किलोमीटर के भीतर निवासरत परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। कक्षा 6वीं से 8वीं तक के लिए 3 तीन किलोमीटर की परिधि में तो कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए 5 किलोमीटर तथा कक्षा 11वीं, 12वीं के लिए 7 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी। इसी प्रकार कक्षा पहली से पांचवी तक हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हुए दोनों ही प्रकार के विद्यार्थियों को एक समान प्राथमिकता दी जा सकती है, परंतु इसके बाद की कक्षाओं में पूर्व में अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हुए विद्यार्थियों को प्राथमिकता देनी है। विद्यालयों में उपलब्ध स्थान से अधिक विद्यार्थी आवेदन करते हैं तो कक्षा पहली से पांचवी तक के लिए लॉटरी निकालकर प्रवेश प्रक्रिया की जाए। इसके ऊपर की कक्षाओं के लिए पूर्व की कक्षाओं के परीक्षा परिणाम के आधार पर मेरिट सूची बनाकर प्रवेश दिया जाएगा।