बिलासपुर

एक और कोरोना संदेही हॉस्पिटल में भर्ती, लक्षणों के आधार पर लिया गया सेम्पल…..गाँव को किया गया क्वारन्टीन

रमेश राजपूत

बिलासपुर – कोरोना वायरस के एक संदेही मिलने की सूचना के बाद सीपत क्षेत्र में हड़कम्प मच गया है। मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम सोंठी से युवक को आनन फानन में सिम्स हॉस्पिटल लाया गया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव को ही क्वारंटीन में रखा है। दरअसल बीते दिनों ग्राम सोंठी के एक युवक को सांस लेने में दिक्कतें होने लगी।

जिसकी जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन को दी गई। जिसके बाद उसे तत्काल सिम्स हॉस्पिटल लाया गया, जिसका सैंपल लेकर रायपुर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है युवक पिछले कुछ दिनों से सर्दी, खांसी से पीड़ित था स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सोंठी निवासी 25 वर्ष युवक अपने एक साथी के साथ हैदराबाद में पिछले कुछ महीने से रह रहा था।

जो 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन हैदराबाद से गांव पहुचा था। जिसके बाद से लेकर अब तक युवक गांव में ही रह रहा था और उसकी दिनचर्या दूसरेेे युवकों के समान सामान्य थी इधर अचानक उसकी तबियत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया ग्रामीणों में कोरोना को लेकर दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। हालांकि अब तक संदिग्ध युवक की रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हुई है फिर भी एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग लगातार ग्रामीणों केे स्वास्थ्य परीक्षण कर जानकारी जुटा रही है।

संदिग्ध युवक की भनक क्या स्वास्थ्य विभाग को थी?

ग्राम सोंठी का 25 वर्षीय युवक हैदराबाद से 22 मार्च को लौट आया था। बावजूद इसके युवक का स्वास्थ्य परीक्षण नही किया गया। आखिर 13 दिन बाद युवक की तबीयत बिगड़ी तब जाकर स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकरी मिली। ऐसे में सवाल यह है? कि क्या युवक की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को थी? स्थानीय स्तर से ही जानकारी क्या नही दी गई थी?

गांव के 57 घरो के साथ पंचायत भवन को भी किया गया क्वारंटीन..

वनांचल ग्राम में कोरोना संदेही मिलने से प्रशासन की नींद उड़ गई है। रविवार मौके पर पहुँचे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियात के तौर पर गांव के 57 घरों को क्वारंटीन कर दिया है। इसके अलावा गांव के 11 कामगारों को भी पंचायत भवन में क्वारंटीन किया गया है। ताकि गांव मे कोई अप्रिय घटना ना घट सके। इसके अलावा सभी के लिए भोजन पानी की व्यवस्था पंचायत को सौपी गई है। वही गांव के इतने घरों को एक साथ क्वारंटीन करने की एक वजह यह भी बताई जा रही कि क्वारंटीन किए गए ज्यादातर परिवार के सदस्य कोरोना प्रकोप के कुछ दिन बाद अन्य जिलों और प्रदेश के बाहर से गृह ग्राम आए थे।

प्रवासी मजदूर बन सकते है आफत की वजह..

रोजी मजदूरी की तलाश में विभिन्न राज्यो में गए मजदूरों में से सर्वाधिक तो किसी तरह अपने गृह ग्राम लौट आए है पर वह कोरोना संक्रमित है या नही? इसकी पुष्टि कर पाना काफी मुश्किल है। क्योकि अगर कोरोना का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुचा तो उसे रोक पाना असंभव हो जाएगा। ऐसे में इन मामलों में पंचायत प्रतिनिधियों को गंभीरता दिखाने की जरूरत है। नही तो आगामी दिनों में प्रवासी मजदूर,, जिले और प्रदेश के लिए आफत की वजह बनने से इंकार नही किया जा सकता।

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