
प्रेम सोमवंशी कोटा
कोटा – 11 जुलाई को प्रकरण की प्रार्थियां नाबालिग पीड़िता की मां थाना कोटा में उपस्थित होकर एक लिखित शिकायत पेश की कि 10 जुलाई को रात्रि में उसकी बेटी 13 वर्षीय घर पर नहीं थी। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं लगा। महिला द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट के मुताबिक रात्रि करीब 2 बजे उसकी पुत्री ने वापस आकर बताया कि नाबालिग आरोपी उसे अगवा कर जंगल की ओर ले गया और वहां उसके कपड़े फाड़कर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। महिला ने थाने में बताया कि इस घटना से उसकी बेटी काफी डरी हुई और सदमें में है। उसके मुताबिक आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। उसके आवेदन पर मामले को 11 जुलाई को धारा 363, 366,376, 6 पाक्सो एक्ट का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। इसके साथ ही महिला एवं बालको संबंध अपराधों में त्वरित कार्यवाही करते हुए शीघ्र अभियोग पत्र न्यायालय में पेश करने के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में थाना प्रभारी कोटा दिनेश चन्द्रा व टीम के द्वारा उक्त मामले की त्वरित विवेचना शुरू कर दी गई। विवेचना के दौरान पीड़िता बालिका के माता पिता की सहमति लेकर पीड़िता का डाक्टरी मुलाहिजा कराया गया। इसके साथ ही नाबालिग आरोपी को तत्काल पकड़ा गया। इसके बाद आरोपी बालक का डाक्टरी परीक्षण कराया गया और 12 जुलाई को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा के द्वारा “बालको संबंधी अपराध” की विवेचना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित झा व एसडीओपी कोटा रश्मित कौर चावला के मार्गदर्शन में अपराध कायमी के 10 दिवस में कोटा पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर विधि से आरोपी बालक के विरुद्ध अभियोग पत्र को 21जुलाई को तैयार किया गया। जिसे न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड बिलासपुर के न्यायालय में 22 जुलाई दिन बुधवार को रिमाण्ड तारिख में पेश किया गया एवं प्रकरण की पीड़िता को शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि प्रदाय कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही पूरी करने में थाना प्रभारी दिनेश चन्द्रा, उप निरीक्षक अशोक द्विवेदी, म.आर. पांचो मार्बल, आरक्षक सुरजित खरे, आरक्षक शैलेन्द्र का विशेष योगदान रहा।