
भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – महीनों से अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्षरत स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों की राह अब आसान नही होने वाली है। अपनी मांगों के लिए प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा 19 सितंबर को प्रस्तावित प्रदेश व्यापी हड़ताल को स्थगित करने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक कर्मचारियों के खिलाफ कड़े आदेश जारी किए हैं। जिसमे उन्होंने आंदोलन वापसी नही करने की स्थित पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि पूर्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा नियमितीकरण की मांग को लेकर की गई है। स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों का कहना था कि राज्य में 13 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कार्यरत है, जो विगत एक दशक से भी ज्यादा समयावधि से समर्पण भाव से अपनी सेवाएं दे रहे है। राज्य सरकार के चुनावी जन घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण का वादा किया गया था, किन्तु वर्तमान में 21 सौ पदों पर नियमित भर्ती की जा रही है। जबकि घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करते हुए इन पदों पर संविदा में कार्यरत कर्मचारियों का समायोजन किया जाना था।

जिस वजह से संघ के पदाधिकारियों ने राज्य शासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए,, राज्य भर में कार्यरत 13 हजार स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का शंखनाद कर आह्वान किया था। जिसको लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रमुख संचालक ने सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को हड़ताल नही करने आदेशित किया है। उन्होंने यह हिदायत दी है कि अगर वह हड़ताल में गए तो आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा 56 के अधीन एवं छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 ( एस्मा ) की कण्डिका 7 ( 1 ) के तहत् हड़ताल में रहने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसके जिम्मदार कर्मचारी स्वयं होंगे।