
जुगनू तंबोली

बिल्हा – विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरखुँडी का एक किसान विगत 6 साल पहले अपने ही पंचायत के अधिनस्थ तालाब को मछली पालन हेतु समूह के माध्यम से लिया है उसके लेने के बाद से ही उस तालाब में मगरमच्छों ने अपना डेरा जमा लिया है इस वजह से उक्त किसान को मछली पालन में बेहद ही परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है उसके द्वारा विगत चार-पांच साल से वन विभाग को आवेदन देकर मगरमच्छ से निजात दिलाने की गुहार लगाई गई थी लेकिन आज पर्यंत तक न ही वन विभाग ने उन मगरमच्छों को पकड़ा बल्कि होने वाले नुकसान का मुआवजा भी अब तक नहीं दीया है जिससे परेशान होकर वह खुद ही ग्रामीणों के साथ मिलकर मगरमच्छ को पकड़ना शुरू कर दिया है ।

आपको बता दें कि ग्राम खैरखुँडी में लाल बंद तालाब है जिसे पंचायत में निवासरत रमेश राजपूत के द्वारा महिला समूह के माध्यम से मछली पालन हेतु लिया गया है। लेकिन उसके तालाब में कई मगरमच्छों ने अपना डेरा जमा लिया है और मछलियों को भोजन बना रहा है जिससे किसान को बेहद ही नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसकी शिकायत किसान के द्वारा लगातार वन विभाग को आवेदन देकर किया जाता रहा है लेकिन वन विभाग की उदासीनता की वजह से किसान परेशान है। जिससे ग्रामीण परेशान होकर मजबूरन ग्रामीणों की मदद से तालब में से मगरमच्छ को जाल डालकर पकड़ने का प्रयास किया गया जिससे दो बड़े मगरमच्छ भागकर पास की नदी में चले गए वही एक मगरमच्छ जिसकी लंबाई 6 फीट है वह जाल में फ़स गया जिसे ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर रखा तथा जिसकी वन विभाग को सूचना दिया गया जिस पर वन विभाग के कर्मचारी मगरमच्छ को गाड़ी में डालकर ले गए और खूंटाघाट बांध में ले जाकर छोड़ दिये।