रायपुर

big breaking,,, इंस्टीट्यूट कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी खोलने की मिली अनुमति,, कलेक्टर ने जारी किया आदेश,, पढ़िए क्या है नियम और शर्तें

भुवनेश्वर बंजारे

रायपुर- देश में कोरोना के आतंक को देखते हुए स्कूल कॉलेज समेत कोचिंग सेंटरो को बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया था जिसके बाद कोरोना की गति में आंशिक कमी को देखते हुए महीनों बाद स्कूल के साथ ही कोचिंग सेंटर्स के संचालन की अनुमति की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू की की जा रही है।

इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण की कमी को देखते हुए कोचिंग सेंटर, स्कील ट्रेनिंग इस्टीट्यूट और लाइब्रेरी की संचालन की अनुमति मिल गई है. हालांकि कोरोना गाइडलाइन के नियमों का पालन करना जरूरी है. इस संबंध में कलेक्टर ने आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा. आदेश के उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सह पठित एपीडेमिक डिसीज एक्ट 1987 यथा संशोधित 2020 एवं भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धाराओं के अंतर्गत विधि अनुकल कार्रवाई की जाएगी.

इस आदेश के बाद बाद छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी जल्द ही कोचिंग सेंटर लाइब्रेरी के साथ ही इंस्टिट्यूट खोलने की अनुमति मिल सकती है। पर इसका निर्णय जिले में घटती कोरोना मरीजों की संख्या पर लिया जाएगा। अभी तक अन्य जिलों में कोचिंग इंस्टीट्यूट और लाइब्रेरी खोलने की अनुमति नहीं दी गई।

जानिए क्या है नियम
यथासंभव ऑनलाइन क्लास/डिस्टेंन्स लर्निंग को प्राथमिकता दिया जाए.
संस्थान में बैठक क्षमता का एक समय में केवल 50 प्रतिशत व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी.
संस्थान में प्रवेश द्वार और निकासी द्वार पृथक-पृथक हो यह सुनिश्चित किया जाए. प्रवेश-निकासी द्वार टच फी मोड में हो.
श्वसन शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, संस्थान में उपस्थित व्यक्ति खासते-छींकते समय टिशु पेपर,रूमाल,मुढ़ी हुई कोहनी का अनिवार्यतः उपयोग करेंगे. संस्थान के संचालक-प्राचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि उपयोग में लाये सामाग्री का ठीक से निपटारा किया जाए.
संस्थान में रखे पीने का पानी स्थल, हाथ धोने का स्थल, वॉशरूम, कुर्सी, टेबल, बेंच, कम्प्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, पाठ्य सामग्री, लॉकर, क्लास रूम और ऐसी सतह, जो टच फी मोड में न हो को समय-समय पर 1 प्रतिशत सोडेशियम हाइपोक्लोराइड और 70 प्रतिशत एल्कोहल बेस्ड सेनेटाइजर से साफ करना होगा.
लैपटॉप, नोटबुक, पाठ्य सामग्रियों का आदान-प्रदान करने की अनुमति नहीं होगी.
संस्थान में संचालित कैंटीन यथासंभव बंद रखा जाए.
संस्थान में सीसीटीवी कैमरे लगाया जाए, ताकि कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके.
संस्थान में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को सोशल,फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना और समय-समय पर सेनेटाइजर का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए.
संस्थान में बैठक व्यवस्था के लिए कुर्सी के मध्य कम से कम 6 फीट की दूरी रखना अनिवार्य होगा.
संस्थान में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित होगा.
संस्थान में सैनेटाइजर थर्मल स्क्रिनिंग, आक्सीमीटर, हेडवाश और क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी. थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने और कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर संस्थान में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी संस्थान के संचालक-प्राचार्य की होगी.
संस्थान की बैठक क्षमता, यदि कम हो तो विद्यार्थियों/प्रशिक्षियों को अलग-अलग समय में बुलाया जाए.
संस्थान में यदि एयर कंडीशनर का उपयोग किया जाता है, तो उसकी रेंज 24 डिग्री सोलेशियस से 30 डिग्री सोलेशियस रखना होगा.
उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम का उपयोग न करते हुए कांटेक्ट लेस उपस्थिति की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा.
संस्थान में उपस्थित किसी व्यक्ति/विद्यार्थी को यदि किसी प्रकार का कोरोना से संभावित लक्षण लगता है तो उसको तत्काल अन्य व्यक्तियों से अलग(आइसोलेटेड) करना होगा. इसकी जिम्मेदारी संस्थान प्रमुख की होगी.
संस्थान में कोविड-19 से बचाव के लिए उपाय के लिए बैनर, पोस्टर लगाना अनिवार्य होगा.
संस्थान में पान, गुटखा, तम्बाकू इत्यादि उपयोग कर सार्वजनिक स्थान पर थूकना प्रतिबंधित है.
19. संस्थान में एक रजिस्टर संधारित किया जाएगा, जिसमें उपस्थित होने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता मोबाइल नबंर दर्ज किया जायेगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके.
कंटेनमेंट जोन में संस्थान के संचालन की अनुमति नहीं होगी. यदि उक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल संस्थान बंद करना होगा. कंटेनमेंट जोन के समस्त निर्देशो का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा.
इन सभी शर्तों के अतिरिक्त कोविड 19 के संबंध में भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय समय पर जारी किये गये के आदेशों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा.
किसी शर्तों का उल्लंघन या किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर इसकी समस्त जिम्मेदारी संस्थान के संचालक/प्राचार्य की होगी. उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी.

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