
2 साल की कार्यकारिणी के लिए 3 पैनल और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में है। प्रेस क्लब के 402 मतदाता इन्हीं में से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे
ठा. उदय सिंह
मंगलवार को स्क्रुटनी और नाम वापसी के बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव में मुकाबला किनके किनके बीच है। आगामी 11 मई को होने वाले बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया सोमवार को हुई थी । प्रति 2 वर्ष के अंतराल में होने वाले चुनाव के लिए मंगलवार को पहले नामांकन पत्रों की जांच की गई जिसके बाद नाम वापसी का दौर चला। इस बार अध्यक्ष पद के लिए 7 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था ,लेकिन अंतिम दिन 5 दावेदारों ने नाम वापस ले लिया। इसलिए अब अध्यक्ष पद के लिए सीधा मुकाबला पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा और परिवर्तन पैनल के अमिताभ तिवारी के बीच बीच है। मंगलवार को अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वाले बलदेव सिंह ठाकुर, अखिल वर्मा ,अखिल पांडे, कमलेश शर्मा और विनय मिश्रा ने अपने नाम वापस ले लिए। जिसके बाद मैदान में तिलक राज सलूजा और अमिताभ तिवारी शेष बचे हैं । उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबले में मनीष शर्मा, पंकज गुप्ता और वी वी रमन किरण के आवेदन वैध पाए गए हैं। मुकाबला इन तीनों के बीच होगा। वहीं महत्वपूर्ण सचिव के पद के लिए मुकाबले में तीनों प्रत्याशी डटे हुए हैं। मुकाबला इरशाद अली, डी डी नागर वाला और वीरेंद्र गहवई के बीच है। कोषाध्यक्ष पद के लिए भी मुकाबला आमने सामने है। इसमें रमन दुबे और सुब्रत पाल के बीच सीधा मुकाबला होगा। सह सचिव के लिए मुकाबला उमेश मौर्य, किशोर सिंह ठाकुर और उपेंद्र शुक्ला के बीच है। कार्यकारिणी सदस्य के लिए मुकाबले में सूरज वैष्णव, सुरेश शर्मा और भूपेश ओझा है।
मंगलवार को नाम वापसी के बाद यहां देर तक हंगामे की स्थिति निर्मित हुई। परिवर्तन पैनल के अध्यक्ष पद के दावेदार अमिताभ तिवारी ने नए सदस्यों के मताधिकार पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने यह सवाल उठाया कि नए सदस्यों को किस आधार पर सदस्यता दी गई है और उन्हें मताधिकार क्यों दिया गया है। जवाब में मौजूदा कार्यकारिणी ने अपने तर्क पेश किये लेकिन फिर भी दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। लंबे वक्त तक बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों को सदस्यता प्रदान करने में भेदभाव किया जाता रहा है। दो दो दशक से पत्रकारिता कर रहे पत्रकार भी सदस्यता से वंचित थे। वहीं फील्ड में काम करने वाले और सचमुच पत्रकारिता को ही अपना पेशा बनाने वाले पत्रकारो को प्रेस क्लब की सदस्यता से वंचित रखकर व्यापारियों, नेता, संस्था प्रमुख, टेक्नीशियनो को सदस्यता प्रदान की गई थी। लंबे अरसे बाद शायद पहली बार ऐसा हुआ जब बिलासपुर प्रेस क्लब में एक साथ 100 से अधिक नए सदस्य शामिल किए गए । यह युवा मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि इन्हें लेकर दूसरे गुट में संशय की स्थिति है । खैर अब 6 पदों के लिए 16 प्रत्याशी मैदान में है जिनके लिए आगामी 11 मई को बिलासपुर प्रेस ट्रस्ट भवन ईदगाह चौक में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक मतदान की प्रक्रिया होगी। जिसके बाद मतगणना और परिणामो की घोषणा की जाएगी। प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब चुनाव प्रचार के जोर पकड़ने की उम्मीद है। 2 साल की कार्यकारिणी के लिए 3 पैनल और निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में है। प्रेस क्लब के 402 मतदाता इन्हीं में से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।