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सूरज पर बढ़ती रेलवे की निर्भरता, सौर ऊर्जा से अकेले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में एक करोड़ से अधिक का हो रहा बचत

आलोक

भारतीय रेलवे द्वारा पर्यावरण के संरक्षण के लिए एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए गैर-परंपरागत श्रोतों से ऊर्जा उपलव्ध कराने एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बेहतर योगदान के तहत सौर उर्जा को काफी महत्व दिया जा रहा है | इसके लिए मंत्रालय द्वारा सभी जोनल एवं मंडल के प्रशासनिक कार्यालयों, रेस्ट हाउस, रनिंग रूम और सभी समपार फाटकों में सोलर पैनल स्थापित कर सौर उर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है |

इसके साथ ही साथ भारतीय रेलवे द्वारा रेलवे के पास अप्रयुक्त रेलवे भूमि पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए भी कार्रवाई की योजना बनाई गई है | रेल मंत्रालय द्वारा भूमि आधारित सौर संयंत्रों की 500 मेगा वाट (MW) स्थापित करने की योजना है, जिसमें इसकी बिना उपयोग वाली भूमि भी शामिल है । इन मे से रेलवे की अप्रयुक्त भूमि पर कुल 3 मेगावाट पहले ही किया जा चुका है दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अपनी ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से सौर पैनलों के द्वारा अक्षय ऊर्जा के विशाल स्रोत के उपयोग की योजना बनाई गई है । हमारे जोनल एवं मंडल के सभी प्रशासनिक कार्यालयों, रेस्ट हाउस, रनिंग रूम और समपार फाटकों की छतों पर 3200 से अधिक सोलर पैनल्स लगाए गए हैं । इस प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अबतक 2.204 मेगावाट की क्षमता वाले पैनल्स की स्थापना की जा चुकी है , जिससे करोड़ों रूपये के राजस्व की बचत हो रही है |इसके अतिरिक्त रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (REMCL) के माध्यम से भिलाई में 50 मेगावाट के सोलर पैनल के स्थापना की जायेगी | इस परियोजना को मार्च, 2021 तक चालू करने की योजना है । इससे प्रतिवर्ष 25 करोड़ रुपये की कुल बचत के साथ 80 एमयू वार्षिक उत्पादन करने में मदद मिलेगी । पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) में सुखी-सीवानिया में 1.7 मेगावाट । उत्तरी रेलवे (एन.आर.) में दिवाना में 2 मेगावाट के सोलर पैनल स्थापना की योजना पर कार्य किया जा रहा है | इन सभी जोनल परियोजनाओं के लिए नोडल अधिकारी के रूप में सम्बंधित ज़ोन के प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता को नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है | इन सभी परियोजनाओं को मार्च, 2020 तक चालू करने की योजना है ।

इसके साथ ही साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ऊर्जा बचत के साथ ही साथ ग्लोबलवार्मिंग को कम करने की दिशा में कदम बढाते हुए LED बल्ब को पारंपरिक बल्बों के स्थान पर रिप्लेस करने का कार्य काफी तेजी से कार्य किया जा रहा है | वर्तमान में यह कार्य लगभग समाप्ती की ओर अग्रसर है | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी क्रियाशील स्टेशनों एवं कोलोनियों पर 100% एलईडी उपलब्ध हैं । नागपुर डिवीजन में 53 स्टेशनों में गेज परिवर्तन का कार्य हो रहा है. इन सभी स्टेशनों पर एलईडी प्रदान की जा रही है | इस पहल से प्रति वर्ष 13.85 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिससे प्रति वर्ष 1.18 करोड़ की बचत होगी

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