
कांग्रेसी गवाह फिलहाल एडिशनल कलेक्टर बी एस यूईके के समक्ष चल रही प्रक्रिया से खास संतुष्ट नहीं है

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
कांग्रेस भवन में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज मामले में गठित दंडाधिकारी जांच आयोग के समक्ष शुक्रवार को 23 वी गवाही संपन्न हुई। यहां 14 गवाहों को पहुंचना था लेकिन विजय केशरवानी, रविंद्र सिंह और राकेश हंस समेत कुछ गवाह नहीं पहुंचे। शुक्रवार को आयोग के सामने अभय नारायण राय, स्वाति रजक, रामचंद्र धुरी ,मोहम्मद हाफिज मोहम्मद इमरान, शहाबुद्दीन अंसारी ,विष्णु यादव ने अपने बयान दर्ज कराएं ।हालांकि अधिकारियों का पूरा फोकस उन सवालों पर था जो राजेंद्र नगर चौक के पास धरना प्रदर्शन के दौरान घटित हुआ था, लेकिन कांग्रेसी गवाह कांग्रेस भवन के अंदर हुई लाठी चार्ज पर अड़े रहे। कांग्रेस प्रवक्ता अभय नारायण राय ने जानना चाहा कि क्या लाठीचार्ज के लिए दंडाधिकारी आदेश दिया गया था? आखिर लाठीचार्ज की आवश्यकता क्यों पड़ी? बिना अनुमति कांग्रेस भवन में घुसने का क्या औचित्य था ? वहीं इस घटना में लिप्त दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज करने की मांग भी गवाहों ने की। उन्होंने कहा कि तत्कालीन पुलिस अधिकारी नीरज चंद्राकर के अलावा हर नारायण पाठक और सभी थानों के टीआई मामले में दोषी हैं लेकिन अब भी वे बाकायदा थानों में नियुक्त है ।इस मामले में कुल 35 बयान होने हैं, लेकिन कांग्रेसी गवाह फिलहाल एडिशनल कलेक्टर बी एस यूईके के समक्ष चल रही प्रक्रिया से खास संतुष्ट नहीं है।