
हरिशंकर पांडेय
मल्हार – 30 माह में 8 सीएमओ बदल गए परन्तु मल्हार की तस्वीर नही बदल पाई। 2020 में कोरोना काल के बाद मल्हार को ऐसा ग्रहण लगा कि कोई भी अधिकारी 6 माह भी नही टिक पाए जिससे नगर का विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ। 4 माह पहले आए सीएमओ भी कार्य मे लापरवाही बरतने के कारण निलंबित हो गए। इन सबके बीच अब खबर आ रही कि मल्हार नगर पंचायत में कोई अधिकारी आने रुचि नही दिखा रहे है वर्तमान में बिल्हा के सीएमओ को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जो दोनों पालिकाओं का काम देख रहे है। बताया जा रहा है कि बिल्हा के प्रभारी सीएमओ भी ज्वायनिंग के बाद मल्हार नही आए है जिससे लोगो को विभिन्न कार्यो के लिए भटकना पड़ रहा है वही यहां के क्लर्क भी हमेशा नदारद रहते है और बाकी के कर्मचारी भी बेलगाम हो गए है ऐसे में मल्हार की स्थिति क्या होगी समझा जा सकता है। इन पौने तीन वर्षों के दौरान नए आए सीएमओ में किसी को मल्हार रास नही आया तो किसी से जनप्रतिनिधियो से तालमेल नही बना इस कारण से ये अधिकारी बदलते गए। हालांकि 2020 में स्थानान्तरित हुए पूर्णेदु तिवारी का कार्यकाल शानदार था उन्होंने कोरोना की पहली लहर में बेहतरीन काम किया था जिनको लोग अब भी याद करते है सिर्फ उन्होंने ने ही 3 साल से ज्यादा समय मल्हार में बिताया था। उनके ट्रांसफर के बाद उन्हें पुनः मल्हार लाने की कवायद भी हुई थी पर सफलता नही मिली। जिसके बाद एक एक कर सीएमओ आते गए और विभिन्न कारणों से चले गए। इन सबके बीच यहां की जनता पीस रही है वही विकास के काम ठप्प पड़े है। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी आम लोगो को भटकना पड़ रहा है। इतना जरूर है भले ही नगर में विकास के काम नही हुए पर के अधिकारियों ने अपने कार्यालय को आम जनता के पैसे से चकाचक करा दिया। कार्यालय के मीटिंग हाल में एक लाख रुपये खर्च कर फाल सीलिंग लगवा दिया साथ ही पूरे कार्यालय परिसर में सीसी कैमरे लगवा दिया। इसके अलावा रँगाई पुताई भी कराई। जिसके बाद 6 माह पहले मनोज बंजारा सीएमओ बनकर आए परन्तु वे भी टिक नही पाए हालांकि उन्होंने कई वर्षों से पेंडिंग कार्यो को निबटा दिया, और अब 13 मार्च को उन्हें अनियमितता व विभिन्न कार्यो में लापरवाही के कारण निलंबित कर दिया गया। इस तरह अभी वर्तमान में सीएमओ का पद रिक्त है।
सुरेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष नगर पंचायत मल्हार का कहना है।।
“इन बीते वर्षों में मल्हार का विकास कार्य बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है, अधिकारियों से सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि सामंजस्य बनाने में पूरी तरह विफल रहे जिससे यहां की जनता का भरोषा टूट रहा है, विकास के काम तो दूर की बात है यहां के लोगो को मूलभूत सुविधाएं भी नही मिल रही है पर इन सत्ताधारियो को इनका दर्द नही दिखता।”
अनिल कैवर्त, अध्यक्ष नगर पंचायत मल्हार का कहना है।
“2020 व 2021 के कोरोना काल के दौरान काम बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसके अलावा हमारी टीम को अच्छे अधिकारी भी नही मिले फिर भी हम निरंतर प्रयास कर रहे है कि नगर का विकास प्रभावित ना हो। कुछ बड़े कार्यो के लिए टेंडर भी निकल चुका है उम्मीद है जल्द ही काम शुरू होगा।”