
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – संभागीय शिक्षकों की पदोन्नति के बाद पोस्टिंग देने की प्रक्रिया यूं तो शुरू हो गई है लेकिन रिक्त पदों के अनुसार काउंसलिंग के दौरान शिक्षकों को इच्छा अनुसार स्कूल नहीं मिलने से उनके चेहरे मायूस हो रहे है। इसके पीछे एक बड़ी वजह संभाग के स्कूलों में जमे अतिशेष शिक्षक हैं जो अंचल के शिक्षकों की जगह को हथियाए बैठे हैं। एक तो पहले ही काउंसलिंग के पूर्व शिक्षक सीधी भर्ती के तहत 50 प्रतिशत जगहों को आरक्षित रखा गया है तो वही दूसरी ओर अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण ना हो पाना। अब काउंसलिंग के दौरान पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। अतिशेष शिक्षकों के कारण काउंसलिंग के दौरान शिक्षक चाह कर भी मनवांछित स्कूलों में अपनी पोस्टिंग नहीं कर पा रहे हैं। जिससे अनभिज्ञ शिक्षक काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान शिक्षा विभाग के अफसर के साथ वाद विवाद कर रहे हैं। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर संभाग में सामाजिक विज्ञान के 713 शिक्षक अतिशेष है जो अलग-अलग जिलों में मुख्य विषयों के शिक्षकों की जगह अपनी सेवा दे रहे हैं
जिनके युक्तियुक्तकरण नहीं होने की वजह से मुक्त सीटों पर पदोन्नति के बाद पोस्टिंग नहीं दिया जा सका है जबकि अंचल के शिक्षक पूरे संभाग में रिक्त पदों की सूची लेकर काउंसलिंग में पहुंच रहे। मामले से अनभिज्ञ होकर हताश हो रहे है। जानकारों की माने तो शासन स्तर से अगर पहले ही अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाता तो वर्तमान में टी संवर्ग और ई संवर्ग के पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों में पदस्थापना को लेकर प्रतिस्पर्धक स्थिति निर्मित नहीं होती। आपको बता दें कि हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद शिक्षक और प्रधान पाठक प्राइमरी स्कूल को प्रमोशन देकर प्रधान पाठक मिडिल स्कूल तो वही सहायक शिक्षक को पदोन्नति देकर शिक्षक बनाया जाना है जिसके तहत बिलासपुर संभाग के 4555 शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाना है इसके तहत काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो आगामी 9 मई तक चलेगी।
शिक्षा गुणवत्ता पर भी पड़ रहा प्रभाव…
बिलासपुर संभाग में जो अतिशेष शिक्षक स्कूलों में जमे हुए है। वो उक्त स्कूलों में अंग्रेजी, जीव विज्ञान, गणित जैसे शिक्षको के रिक्त पदों के जगहों मे अपने सेवा के बदले मेवा खा रहे है। इन सब के बीच विशेषज्ञ शिक्षको के जगह कला के शिक्षक बच्चो को पढ़ा रहे है। जिसका सीधा असर शिक्षा के गुणवत्ता पर पड़ा है। जिसको लेकर शासन स्तर से भी लाख कोशिशों के बाद भी अतिशेष शिक्षको को हटाया नहीं जा रहा है। जो शिक्षा विभाग में अंगद के पैर की तरह जमे हुए है।
अतिशेष शिक्षकों में संभाग में सबसे टॉप पर है, बिलासपुर जिला जहां पद से अतिरिक्त 378 शिक्षक जमे है स्कूलों में..
बिलासपुर संभाग में अतिशेष शिक्षकों की बात की जाए तो सबसे अधिक बिलासपुर जिले में 378 शिक्षक अतिशेष है जो विभिन्न स्कूलों में जमे हुए हैं वही ब्लॉक की बात की जाए तो बिलासपुर संभाग के तखतपुर ब्लॉक में सबसे अधिक 200 शिक्षक अतिशेष है जबकि मस्तूरी में 148 अतिशेष,वही बिल्हा में 33 शिक्षक अतिशेष, कोटा में 3 शिक्षक अतिशेष है। जबकि जांजगीर जिले में 100, रायगढ़ जिले में 24, मुंगेली जिले में 217, सक्ति जिले में 81 और सारंगढ़ बिलाईगढ़ में 75 शिक्षक अतिशेष है जिनमें सर्वाधिक शिक्षक सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान और हिंदी, संस्कृत विषय के हैं जो अतिशेष होने के बाद भी वहां अपनी सेवा दे रहे हैं।
पद छुपाने के आरोप के बाद जेडी ने रिक्त पदों की सूची कराई चस्पा…
बिलासपुर संभाग के अंतर्गत पदोन्नति की कार्यवाही शुरू हो गई है। कार्यालय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने काउंसलिंग हेतु शालावार और विषयवार रिक्त पदों की सूचि जारी कर दी है। पदोन्नति हेतु पात्र अभ्यर्थी उक्त सूचि में से कोई भी स्कूल का चुनाव काउंसलिंग में कर सकता है। आपको बता से बिलासपुर संभाग में पदोन्नति के लिए हुई काउंसलिंग के पहले ही दिन रिक्त पदों को छुपाने का आरोप शिक्षक वर्ग विभाग के अफसर पर लगा रहे थे जिसके मद्देनजर बिलासपुर संभाग के ज्वाइन डायरेक्टर एस के प्रसाद ने तत्काल ही रिक्त पदों की सूची जारी कर कार्यालय में चस्पा कराया है ताकि आगामी दिनों से किसी भी तरह की वाद विवाद की स्थिति निर्मित ना हो सके।