कोरबा

भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या की रची गई थी साज़िश… एक बार हुई चूक, दूसरी बार मे उतारा मौत के घाट, आरोपियों ने उगले राज,

रमेश राजपूत

कोरबा – थाना कटघोरा क्षेत्र अंतर्गत भाजपा नेता एवं ठेकेदार अक्षय गर्ग की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 5 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया है। यह मामला अपराध क्रमांक 425/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238(1), 61(2), 3(5) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। घटना 23 दिसंबर 2025 की है।

मृतक अक्षय गर्ग, जो ठेकेदारी के कार्य से जुड़े हुए थे, अपने इनोवा वाहन से कटघोरा नगरी स्थित अपने कैंप पहुंचे थे। सुबह करीब 10 बजे वह कैंप के मेस के पास मजदूरों से कार्य संबंधी चर्चा कर रहे थे, तभी एक चार पहिया वाहन से आए तीन अज्ञात लोगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने लोहे की धारदार टांगी और चाकू से अक्षय गर्ग पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उन्हें सिर, हाथ और पेट में गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद अक्षय गर्ग को उनके बड़े भाई अभय गर्ग, सुपरवाइजर पिनाकीराम और अन्य लोगों द्वारा इलाज के लिए हरिकृष्ण अस्पताल कटघोरा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के भाई जय गर्ग की रिपोर्ट पर थाना कटघोरा में मर्ग कायम कर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर साइबर एवं एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 7–8 घंटे के भीतर आरोपियों मिर्जा मुस्ताक अहमद 27 वर्ष, विश्वजीत अग्रे 21 वर्ष और गुलशन दास 26 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने एक दिन पहले भी अक्षय गर्ग की हत्या का प्रयास किया था, लेकिन असफल रहे थे। मुख्य आरोपी मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हत्या की पूरी साजिश रची थी। उसने हथियार जुटाए और सबसे पहले मृतक के पेट पर वार किया। विश्वजीत अग्रे ने लोहे की टांगी से सिर पर हमला किया, जबकि गुलशन दास मृतक की गतिविधियों की सूचना मुख्य आरोपी को देता था।

हत्या के पीछे व्यावसायिक और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा प्रमुख कारण सामने आए हैं। ठेकेदारी और पंचायत चुनाव में हार के बाद आरोपी का क्षेत्र में प्रभाव कम हो गया था, जिससे उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार, वाहन, कपड़े, मोबाइल फोन सहित अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

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