
रमेश राजपूत
बिलासपुर – दरगाह लूथरा शरीफ में शहंशाह-ए-छत्तीसगढ़ हजरत सैय्यद इंसान अली बाबा का पांच दिवसीय सालाना उर्स 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होगा। उर्स को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए इस बार दरगाह परिसर और कव्वाली मैदान में विशेष रूप से वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं, ताकि देशभर से आने वाले जायरीनों को मौसम की वजह से परेशानी न हो। लूथरा शरीफ कमेटी के अध्यक्ष हाजी इकबाल हक ने बताया कि उर्स में हर साल देशभर से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं। इस वर्ष करीब पांच से छह लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। परिस्थितियों के अनुसार यह संख्या और बढ़ सकती है। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिल रहा है। जिला प्रशासन, एडीएम, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए दरगाह क्षेत्र में दो पुलिस सहायता केंद्र बनाए जाएंगे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। कमेटी के अनुसार बाहर से आने वाले मेहमानों के लिए रायपुर एयरपोर्ट से आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।
मुशायरा-कव्वाली में देश-विदेश के कलाकार

उर्स के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मुशायरा और कव्वाली का आयोजन भी होगा। कछौछा शरीफ से रशीद लखीमी हुजूर, उर्स दादानशीन सहित अन्य धार्मिक हस्तियों के पहुंचने की संभावना है। कव्वाली में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कव्वाल अलीश रईस और मुस्तफा नास शामिल होंगे। 28 सितंबर के मुशायरे में देशभर से शायर और वक्ता पहुंचेंगे। बिलासपुर से शब्बीर नूरी और इलियास सरफी भी शामिल होंगे। जायरीनों की सेवा और भोजन व्यवस्था के लिए करीब 200 से 300 लोगों की टीम रहेगी, जबकि दरगाह परिसर में 50 से 60 वालंटियर विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।