
भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले बीते एक पखवाड़े से जारी हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है। जहाँ पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों पर एस्मा उसके बाद अब बर्खास्त करने की कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के 205 हड़ताली कर्मचारीयों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिसका आदेश बिलासपुर सीएमएचओ ने जारी किए है। आपको बता दें कि अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी 21 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इस कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि एस्मा लगाने और 24 घंटे में कर्तव्य पर उपस्थित होने की चेतावनी देने के बाद हड़तालरत कर्मियों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। जिसके बाद बिलासपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 205 स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। बताया जा रहा है कि अब तक प्रदेश के 3251 कर्मचारियों के खिलाफ़ कार्यवाही की जा चुकी है। आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के 40000 डॉक्टर्स ,ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक , नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन आंदोलन पर है जो अपनी 5 सूत्रीय मांगों के लिए डटे हुए , उनके 5 सूत्रीय मांगों में वेतन विसंगति , कोरोना भत्त्ता ,अतिरिक्त कार्य दिवस का वेतन ,आईएचपीएस सेटअप के तहत भर्ती एवं अस्पतालों में नर्सिंग संवर्ग ,एवं डॉक्टरों में होने वाली हिंसा प्रमुख रूप से शामिल है। जिनको लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं और रायपुर में डटे हुए है।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में कर्मचारियों के बर्खास्त करने की गई कार्यवाही…
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन के स्वास्थ्य कर्मचारी के हड़ताल को लेकर राज्य सरकार द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है जिसके जद में अब तक प्रदेश के 19 जिल के कर्मचारी आ गए हैं यह सिलसिला अनवरत जारी है। इनमे जगदलपुर 296,कांकेर जिले से 568 ,बलोदाबाजार से 265,बिलासपुर से 205,कबीरधाम से 181,बेमेतरा से 91,दुर्ग से 205,मनेंद्रगढ़ से 10,गौरेला पेंड्रा, मरवाही से 79,रायगढ़ से 283,महासमुंद से 72,कवर्धा से 161,कोरबा से 337 ,जांजगीर से 232,सरगुजा संभाग से 42,
कोंडागांव से 10,कोरिया से 84,एमसीबी से 10,गरियाबंद से 20, कर्मचारी शामिल है। जिनके खिलाफ़ बर्खास्त और एफआईआर जैसे कार्यवाही की गई है।