
रमेश राजपूत
बिलासपुर – भारतीय स्टेट बैंक में गार्ड की नौकरी लगाने के नाम पर कई भूतपूर्व सैनिकों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित भूतपूर्व सैनिकों ने सरकंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। मिली जानकारी के अनुसार मूलतः जांजगीर जिले के नवागढ़ निवासी प्रणव तिवारी बिलासपुर के अशोक नगर रुद्र विहार में रहते है, जो सेना के भूतपूर्व सैनिक है, उन्होंने शिकायत में बताया की एसबीआई बैंक में गार्ड की नौकरी करने के लिए उन्होंने आवेदन किया था, जिसके बाद उनके पास राजकुमार साहू ने फोन के माध्यम से सम्पर्क किया तथा गार्ड पद में नौकरी लगाने का आश्वासन दिया और कहा कि मेरी ऊपर तक पहुंच हैं मैं तुम्हे गार्ड के पद पर आसानी से नौकरी लगा दूंगा। राजकुमार साहू की बात मे आकर उसे मिलने को कहा तो वह मुझसे व्यक्तिगत्त रूप से मिलने नेहरू चौक बिलासपुर आया और मुलाकात के दौरान बताया कि उसकी नौकरी भी पैसा देकर लगी है, उसने यह भी बताया कि मैं वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक शाखा गौरेला जिला जी.पी.एम. (छ.ग.) में गार्ड के पद पर पदस्थ हूँ, मेरी नौकरी लगाने में भारतीय स्टेट बैंक शाखा गौरेला के ब्रांच मैनेजर ने मेरा सहयोग किया है, मैं तुम्हे भी उनसे मिलवा दूंगा और नौकरी लगाने हेतु निवेंदन करूंगा, मैं उसकी बातों में आकर अपने मित्र पीयूष सिंह के साथ उसके कार्यस्थल भारतीय स्टेट बैंक शाखा गौरेला गया जहां पर राजकुमार साहू द्वारा मुझे ब्रांच मैनेजर से मिलवाया गया, ब्रांच मैनेजर द्वारा मुझे बताया गया कि मैंने ही राजकुमार साहू की नौकरी लगाई है मैं तुम्हारी भी नौकरी लगा दूंगा। नौकरी लगाने के एवज में ब्रांच मैनेजर और राजकुमार साहू द्वारा 2,00,000/- रू की मांग की गई जिस पर मैं अपनी सहमति जताते हुए उनकी बातों में आकर पैसा देने हेतु राजी हो गया और राजकुमार साहू के कहे अनुसार उसके यू.पी.आई. एकाउंट फोन पे के माध्यम से 1,00,000/- रू एवं 1,00,000/- रू नगद बिलासपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक कलेक्ट्रेट शाखा के पास प्रदान किया था। राजकुमार साहू द्वारा प्रार्थी से पैसा प्राप्त करते समय यह आश्वासन दिलाया गया था कि वह भारतीय स्टेट बैंक द्वारा जारी गार्ड भर्ती परीक्षा में परीक्षा दिलाने के उपरांत जल्द से जल्द नौकरी लगवा देगा, परन्तु भर्ती परीक्षा दिलाने के उपरांत आज दिनांक तक न तो मेरा उक्त परीक्षा में चयन हुआ है और न ही राजकुमार साहू द्वारा मेरा चयन कराया गया है, मेरे द्वारा राजकुमार साहू से सम्पर्क कर गार्ड पद हेतु नौकरी नही लगने पर पैसे वापस करने की मांग की गई जिस पर राजकुमार साहू द्वारा पैसे वापस करने हेतु घुमाया गया। मेरे द्वारा पैसे वापस नही करने पर शिकायत करने की बात कही गई तो राजकुमार साहू द्वारा गालियाँ देते हुए जान से मरवा देने की बात कही गई और पैसे वापस करने से साफ इंकार कर दिया गया। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने राजकुमार साहू के खिलाफ धारा 420-IPC के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
कई भूतपूर्व सैनिक बन चुके है शिकार…
मामले में प्रार्थी प्रणव तिवारी के अनुसार उनके अलावा सेना से रिटायर्ड अन्य साथी जितेन्द्र साहू पिता हीरा राम साहू,ग्राम सारागांव, चन्द्रप्रकाश साहू पिता लेखन राम साहू रतनपुर, सुदर्शन प्रसाद यादव पिता गंभीर प्रसाद यादव ग्राम हाफा, रविन्द्र कुमार जोगी पिता मुनीराम जोगी ग्राम बोरसी, सरजू कुमार डहरिया पिता सीयाराम डहरिया बम्हनीडीह से नौकरी लगाने के नाम पर अलग अलग भूतपूर्व सैनिको से चेक, आनलाईन एवं नगद करीबन 10 लाख रूपये से अधिक की राशि लेकर धोखाधड़ी की गई है।