
हर मोर्चे पर सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब शायद इस द्वंद की आवश्यकता नहीं है
बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। आमतौर पर महिला दिवस को स्त्री पुरुष द्वंद की तरह प्रस्तुत किया जाता है। महिला अधिकारों की लड़ाई में पुरुष को हमेशा शोषक के नजर से देखने से संघर्ष के स्थिति पैदा होती है। हर मोर्चे पर सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब शायद इस द्वंद की आवश्यकता नहीं है ।इसी विचारधारा के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जनकल्याणकारी महिला समिति द्वारा अज्ञेय नगर ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में एक अलग ही अंदाज में महिला दिवस मनाते हुए नारी में निहित शक्ति को जागृत करने का आह्वान किया गया। नारी सृष्टि करती है और पुरुष भी उन्हीं की रचना है इसलिए समानता की इस लड़ाई में संघर्ष की आवश्यकता तो है लेकिन इसे सहजता से लेने की बात कही गई जो कि स्त्री का मूल स्वभाव है। यहां समिति की अध्यक्ष बुला विश्वास के साथ प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी की बहन विनीता भवनानी, रिता बरसईयां, सरवरी मित्रा समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।