
मंगलवार को पत्रकार सुमन पांडे को समर्थन देने और इस निंदनीय कार्य के लिए भारतीय जनता पार्टी की भर्त्सना करने के लिए पत्रकारों ने एक बाइक रैली निकाली

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया भले ही पाठकों तक खबरें पहुंचाने का कर्तव्य पूरा करता हो, लेकिन इसी दौरान वे जाने अनजाने राजनेताओं का चेहरा चमकाते हैं जो उनके कैरियर को संवारने का काम करता है, लेकिन लगातार पत्रकारों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बढ़ती जा रही है, मन चाहा कवरेज ना मिलने पर पत्रकारों पर हमला करने से भी ये गुरेज नहीं कर रहे। सम्बन्ध लगातार दरक रहे है। ऐसा ही कुछ राजधानी में शनिवार को हुआ।

एकात्म परिसर में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और उनके साथियों ने पत्रकार सुमन पांडे के साथ मारपीट की और जबरन उनसे फुटेज डिलीट करवाये गए। इस हमले से प्रदेशभर का पत्रकार जगत स्तब्ध और आक्रोशित है। शनिवार को एकात्म परिसर से जो चिंगारी उठी थी अब भड़क कर वह शोलों में तब्दील हो चुकी है, जिसकी आग अब प्रदेश भर में फैलने लगी है।

राजधानी में पत्रकार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। महा धरना जारी है। मशाल रैली निकाली गई और हेलमेट लगाकर रिपोर्टिंग करते पत्रकार भारतीय जनता पार्टी के विवेक को जगाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि पत्रकारों पर हमला करने वाले अपने नेताओं के निष्कासन तक को पार्टी तैयार नहीं। इससे यही संदेश जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी इस हमले को मौन समर्थन दे रही है । पत्रकार लगातार जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और उनके तीन साथियों के निष्कासन की मांग कर रहे हैं , लेकिन पार्टी केवल टालमटोल कर रही है।उनकी मंशा नेक नहीं है। यह इसी से समझा जा सकता है कि गिरफ्तारी देने के बाद जिस तरह इन दोषियों का फूल मालाओं से विजेताओं की तरह स्वागत किया गया, वह पूरी कहानी बयां करती है। राजधानी के बाद बिलासपुर में भी विरोध की यह आग पहुंच चुकी है। पत्रकार सुमन मान पांडे का समर्थन बिलासपुर प्रेस क्लब भी कर रहा है। इस मुद्दे पर बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों ने बैठक कर आंदोलन के स्वरूप और रणनीति पर चर्चा की। जिसमें एक राय होकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आरोपी पदाधिकारियों पर कार्यवाही ना किए जाने तक सतत आंदोलन का निर्णय लिया गया है। बिलासपुर प्रेस क्लब द्वारा नेहरू चौक और भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के समक्ष आंदोलन करने की रूपरेखा भी बनी है। बैठक में पत्रकारों ने भी कई सुझाव दिए, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रमों का बहिष्कार ,किसी बड़े पदाधिकारी के शहर आगमन पर प्रेस क्लब के माध्यम से कॉन्फ्रेंस कराने और सोशल मीडिया पर लगातार विरोध करने जैसे सुझाव शामिल है।
मंगलवार को पत्रकार सुमन पांडे को समर्थन देने और इस निंदनीय कार्य के लिए भारतीय जनता पार्टी की भर्त्सना करने के लिए पत्रकारों ने एक बाइक रैली निकाली ।बाइक रेली प्रेस क्लब से भारतीय जनता पार्टी कार्यालय तक निकाली गई जिसमें शामिल पत्रकारों ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी कर पत्रकारों पर हो रहे हमले रोकने, दोषियों पर त्वरित कार्यवाही और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की। नारेबाजी करते हुए पत्रकार भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचे जिसमें बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष के साथ पदाधिकारी ,वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार शामिल रहे, जिन्होंने एक राय होकर निर्णय लिया है कि बिलासपुर प्रेस क्लब द्वारा आंदोलन के रूप में निरंतर धरना प्रदर्शन और विरोध प्रकट किया जाएगा । लेकिन यह आंदोलन केवल भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नहीं है बल्कि हर उस शख्स के खिलाफ है जो कवरेज के दौरान या पत्रकारिता धर्म निभाने की वजह से पत्रकारों पर हमले करते हैं ,उन्हें परेशान करने मनगढ़ंत और झूठे मामले तैयार कर उन्हें फंसाते हैं । इस आंदोलन का कोई राजनीतिक दुरुपयोग ना करें इसका भी पत्रकार ध्यान रख रहे हैं ।आने वाले दिनों में राजधानी के पत्रकार सुमन पांडे के पक्ष में बिलासपुर में भी तेज प्रदर्शन होंगे इतना तय है। कोंडागांव में जिस तरह से विरोध में बंद किया गया मुमकिन है बिलासपुर में भी उसी तरह के कुछ कदम उठाया जाए ताकि पत्रकारों की आवाज भाजपा के प्रादेशिक पदाधिकारियों के अलावा केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचे जिन्हें समझ आये कि इस चुनावी साल में कुछ पदाधिकारियों के बचाव में पार्टी की खराब हो रही छवि की वजह से उन्हें क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है।