
लगातार पेट्रोल और डीजल की चोरी की खबरों ने आरपीएफ के भी कान खड़े कर दिए थे, जिसके बाद टीम बनाकर निगाह रखी गई

बिलासपुर प्रवीर भट्टाचार्य
एक दौर था जब तार बाहर इलाके के डीजल चोर गिरोह के सरगना मुल्तान ने आरपीएफ के नाक में दम कर रखा था ,लेकिन तेल डिपो के स्थानांतरण से मुल्तान एंड गैंग की कमर टूट गई थी। पर शायद यह पुलिस का वहम था। इस बीच डीजल चोरों ने चोरी का नया ठिकाना ढूंढ लिया। वर्तमान में उसलापुर रायपुर बाईपास लाइन से पेट्रोल और डीजल से भरी ट्रेनें बड़ी संख्या में आवाजाही करती है ,क्योंकि बाईपास लाइन होने की वजह से यहां सुरक्षा के इंतजाम अधिक नहीं है इसलिए यह तेल चोरों का स्वर्ग बन चुका है । लगातार पेट्रोल और डीजल की चोरी की खबरों ने आरपीएफ के भी कान खड़े कर दिए थे, जिसके बाद टीम बनाकर निगाह रखी गई। आरपीएफ की टीम पता करते करते त्रिपुरा इंद्रपुरी के पास पहुंची तो यहां उन्हें डीजल के करीब 40 कंटेनर मिले।

लेकिन आसपास कोई भी ना मिलने से पुलिस ने सूझबूझ का परिचय दिया और इन जैरिकेन केन पर नजर रखा। रात लगभग दस- ग्यारह बजे के बीच 10 से 12 लोग जेरीकेन लेने पहुंचे तो आरपीएफ के जवानों ने घेराबंदी की लेकिन अधिकांश तेल चोर भाग खड़े हुए। इस बीच आरपीएफ को एक चोर को पकड़ने में कामयाबी मिली। आरपीएफ ने यहां से 10 से 15 खाली जेरीकेन और पाइप जप्त किया है ।इसी के साथ उसलापुर की आरपीएफ टीम ने करीब 12 सौ लीटर डीजल भी पकड़ा है। आरपीएफ का मानना है कि इस नए गैंग का के तार मुल्तान गिरोह से जुड़े हो सकते हैं ,जिसने लंबे वक्त तक तार बाहर क्षेत्र में इसी तरह डीजल पेट्रोल की चोरी की है। वहीं मामले में पकड़े गए एक चोर से उसके साथियों के नाम पता किए जा रहे हैं।