
रमेश राजपूत

बिलासपुर-सब स्टेशनों के बाद अब घरेलू कनेक्शन के उपभोक्ताओं के घरों में सौर संयंत्र लगाने की तैयारी छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने शुरू कर दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने में सब्सिडी दी जाएगी। मालूम हो छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश में ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूप टाफ प्रोग्राम फेज-2 योजना के क्रियान्वयन हेतु पाॅवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी को ‘‘इम्पलीमेंटेशन एण्ड स्टेट नोडल एजेंसी’’ नियुक्त किया गया है। उक्त प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये प्रदेष हित में ‘‘रूफटाॅप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम’’ की स्थापना हेतु सक्षम एजेंसियों को चिन्हांकित कर अनुबंध करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इस कार्य योजना को लेकर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के प्रबंधक निर्देशक मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के संचालन का मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा का उचित प्रयोग के साथ सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण संरक्षण प्रमुख है।

आमजनों के घर तथा शासकीय भवनों की छत पर संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। गौरतलब है कि भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार सोलर रूफटाॅप योजना को पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा लागू करने कारगर कदम उठाये गये है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुये 1 के.डब्लू.पी. से 500 के.डब्लू.पी. क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटाॅप सोलर फोटो वोल्टेक सिस्टम की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत इच्छुकजन अपने घर की छत पर अनुबंधित एजेंसी के द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकेंगे। बताया जा रहा है। इस हेतु आवेदन करने की प्रक्रिया ऑनलाईन होगी। जिसके बाद कंपनी के अधिकारी आवदेक के घर का सर्वे करंगे। सर्वे उपरांत सोलर सिस्टम द्वारा उत्पादित बिजली की गणना हेतु उपभोक्ता के परिसर में मीटर स्थापित किया जायेगा।
सोलर एनर्जी सेल का हुआ गठन..

छत्तीसगढ पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में सोलर एनर्जी सेल का गठन किया गया है। यह सेल सौर संयंत्र स्थापित करने वाले एजेंसी तथा इच्छुक उपभोक्ताओं के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं को 40 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी..

भारत शासन के नवीन एवं नवीकरणीय मंत्रालय द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर पाॅवर प्लांट पर सब्सिडी दी जायेगी। जिसके अन्तर्गत 01 से 03 किलोवाॅट तक 40 प्रतिशत तथा 03 से अधिक 10 किलोवाॅट तक 20 प्रतिषत सब्सिडी दी जायेगी। प्रति किलोवाॅट दर के निर्धारण हेतु टेण्डर के माध्यम से प्रक्रियाधीन होने की बात कही जा रही है।