
उदय सिंह
सीपत – सोमवार को एक खतरनाक हादसा सीपत एनटीपीसी के राखड़ डेम के पास हुआ है, जिसमें ठेका कंपनी के हाइड्रा क्रेन के पलटने की घटना सामने आई है, जिसमें चालक सहित 4 मजदूर सवार थे, घटना के दौरान 2 मजदूर दूर जा गिरे लेकिन चालक और 2 मजदूर वाहन की केबिन में दबकर फंस गए, जिन्हें 3 घंटे की मारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया है, जिन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती करा उपचार कराया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम रांक स्थित एनटीपीसी के 2 नम्बर राखड़ डेम में सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे ठेका कंपनी केएस इंजीनियरिंग के 4 मजदूरों को लेकर हाइड्रा चालक डेम के ऊपर राखड़ पाइप की रिपेयरिंग करने के लिए जा रहा था इसी दौरान हाइड्रा का बैलेंस बिगड़ गया और 70 फिट नीचे लुढ़कते हुए सड़क के पास नाले में जा गिरा। इस दौरान हाइड्रा में सवार मजदूर कृष्ण कुमार 48 वर्ष और मंगल प्रसाद 38 वर्ष निवासी सोनभद्र (उप्र) हाइड्रा से छिटककर दूर जा गिरे जबकि चालक मुकेश विश्वकर्मा 38 वर्ष निवास खांडा एवं मजदूर हेमलाल 44 वर्ष जयरामनगर,

चैतराम बंजारे 42 वर्ष रांक निवासी हाइड्रा में फंस गए किसी तरह डेढ़ घण्टे की मेहनत के बाद मजदूर हेमलाल एवं चैतराम बंजारे को बाहर निकाला गया। लेकिन हाइड्रा चालक मुकेश विश्वकर्मा शीट और केबिन के बीच मे बुरी तरह फंस गया। जिसे बाहर निकालने ऐश डाइक 1 से पोकलेन बुलवाकर 3 घण्टे की मशक्कत के बाद निकाला गया सभी घायलों का इलाज अपोलो में चल रहा है। घायलों में कृष्णकुमार को ज्यादा चोंट लगी है।
मामले को दबाने की जाती रही कोशिश, एनटीपीसी ने कहा सड़क पर हुई दुर्घटना

इस हादसे के बाद एनटीपीसी प्रबंधन ने बताया है कि आज सुबह लगभग 10.30 बजे एनटीपीसी सीपत के ऐश डाइक-2 की तरफ जाने वाली सड़क पर मेसर्स के एस इंजीनियरिंग के हाइड्रा पलटने की घटना हुई। हाइड्रा पलटने से पहले हाइड्रा केबिन में से दो संविदा श्रमिक बाहर निकल गए। घटना की सूचना प्राप्त होते ही आस पास के ग्रामीण, एनटीपीसी के अधिकारी तथा मेडिकल टीम, सीआईएसएफ़ एवं सीपत पुलिस कर्मी घटना स्थल पर पहुँचे एवं सभी के सहयोग से अन्य क्रेन (पोकलेन)

के माध्यम से हाइड्रा केबिन में फँसे तीन अन्य संविदा श्रमिकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया। आगे की चिकित्सा एवं जांच हेतु सभी घायलों का इलाज अपोलो अस्पताल बिलासपुर में जारी है। अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी की हालत स्थिर है तथा सभी ख़तरे से बाहर हैं।