
बिलासपुर- छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं, अवैध कनेक्शनधारियों और बिजली चोरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही हेतु अभियान चलाया जा रहा है। बिजली चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के नाम प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में सार्वजनिक तौर पर उजागर किया जा रहा हैं। अतः उपभोक्तागण विद्युत का वैद्य कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। पाॅवर कंपनी के चेयरमेन शैलेन्द्र शुक्ला ने कहा कि विद्युत का वैध कनेक्शन न केवल समुचित रौशनी सहित सुरक्षित जीवन को सुनिश्चित करता है अपितु यह प्रथम 400 यूनिट तक हाफ बिजली माफ योजना का आर्थिक लाभ भी प्रदान करता है। अतः उपभोक्तागण अवैधानिक तरीके से बिजली लेने पर होने वाली दण्डात्मक कार्यवाही, सामाजिक अपमान, विद्युत दुर्घटना एवं आर्थिक दण्ड तथा कारावास जैसी परेशानियों से बचने के लिए वैधानिक विद्युत कनेक्शन ले।
यह अनेक दृष्टि से उपभोक्ता सहित पाॅवर कंपनीज संस्था के लिए हितकारी है। बिजली विभाग द्वारा गठित अधिकारियों की टीम गांव-शहर के भवनों, होटलों, दुकान और मकानों के विद्युत कनेक्शनों की आकस्मिक जांच कर रही है। इस अभियान के अन्तर्गत जांच दलों को उपभोक्ताओं के घरों एवं दुकानों में स्थापित विद्युत मीटरों से बायपास कर या विद्युत खंभे से हुकिंग कर बिजली की चोरी करते हुए पकड़ा गया। जिस पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 व 138 के तहत कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज कर विशेष न्यायालय को प्रकरण प्रेषित किया गया। प्रदेश में जारी ‘‘हाफ रेट पर बिजली योजना’’ का लाभ भी डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा हैं। बिजली से जुड़े विभिन्न अनियमितताओं और अपराधों के संबंध में विद्युत अधिनियम 2003 के तहत दर्ज मामलों में तीन वर्ष का कारावास अथवा जुर्माना दोनों लगाया जाता है। प्रदेशव्यापी बिजली कनेक्शन जांच अभियान के अंतर्गत बिजली चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के विरूद्ध धारा 135, बिजली लाईनों और सामग्री की चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं के विरूद्ध धारा 136 तथा चुराई गई संपत्ति प्राप्त करने के लिए धारा 137 में दंडात्मक कार्यवाही और विद्युत मीटरों से छेड़छाड़ के मामले में धारा 138 के तहत मामलें दर्ज किये जा रहे हैं। बकाया भुगतान नहीं करने अथवा अन्य अनियमिताओं के कारण जिन उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन विच्छेदित किये गये हैं, ऐसे कनेक्शनों की जांच सांझ ढले दोबारा की जा रही हैं। जिससे विच्छेदित कनेक्शन को अवैधानिक रूप से पुनः जोड़ने वाले, विद्युत खम्भें से हुकिंग कर बिजली लेने वाले अथवा पड़ोस से बिजली कनेक्शन लेने वाले पर दंडात्मक कार्यवाही की जा रही हैं।