
उदय सिंह
बिलासपुर – मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत विद्याडीह (टांगर) स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 402002132 को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत, ग्रामीणों तथा खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जरूरत है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही हुई है। मामले में खाद्य शाखा बिलासपुर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी को 25 नवंबर 2025 को भेजे गए पत्र में उल्लेख है कि उक्त दुकान का संचालन गोल्डन वे महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है।

दुकान के संचालन को लेकर शिकायत मिलने पर खाद्य निरीक्षक मस्तूरी द्वारा जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे अग्रिम कार्रवाई हेतु एसडीएम को भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार 7 नवंबर 2025 को ई-पॉस पोर्टल के स्टॉक रजिस्टर से मिलान में 72.68 क्विंटल चावल अधिक पाया गया। मई 2025 से अक्टूबर 2025 तक दुकान प्रतिमाह केवल 3 से 17 दिन ही खुली पाई गई, जबकि इस अवधि में लगभग 82 से 110 राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया। इसके अलावा शक्कर शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचे जाने, हितग्राहियों को नियमित रूप से शक्कर वितरण न करने तथा आवश्यक अभिलेख व पंजियों का संधारण नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

जांच में यह भी पाया गया कि दुकान में सीसीटीवी कैमरा तथा खाद्य विभाग संबंधी शिकायत हेतु हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन नहीं किया गया था। उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की विभिन्न धाराओं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय पाए गए हैं। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी द्वारा 3 दिसंबर 2025 को दुकान की अध्यक्ष, सचिव एवं विक्रेता को नोटिस जारी कर 19 दिसंबर 2025 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। इधर ग्राम पंचायत विद्याडीह के सरपंच द्वारा भी कलेक्टर एवं खाद्य विभाग को पत्र लिखकर दुकान को हटाने की मांग की गई है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई है।
सरकारी चावल की कालाबाजारी का आरोप..

ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि उक्त राशन दुकान से चावल निकालकर नदी के उस तरफ ले जाकर दूसरे राशन दुकान में बेच दिया जाता है, जिसका वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया है, लेकिन अब तक कार्रवाई नही होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।