
उदय सिंह
बिलासपुर – मस्तूरी विकासखंड के ग्राम विद्याडीह टांगर स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर दुकान संचालक ठान सिंह भार्गव ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा है कि उनके विरुद्ध की जा रही शिकायतें तथ्यहीन हैं और यह सब व्यक्तिगत रंजिश एवं पंचायत चुनावी विवाद के चलते किया जा रहा है। संचालक ठान सिंह भार्गव के अनुसार शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन विगत कई वर्षों से शासन के नियमों एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। दुकान का संचालन गोल्डेन वे महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है तथा प्रत्येक माह खाद्य निरीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों की निगरानी में राशन सामग्री का वितरण किया जाता है। वितरण के दौरान पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद्यान्न दिया जाता है और इसकी जानकारी दुकान में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित भी है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा यह आरोप लगाया गया कि शक्कर का अधिक मूल्य लिया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि राशन कार्ड एवं वितरण रजिस्टर में निर्धारित मूल्य ही दर्ज है। हेल्पलाइन अथवा स्टॉक एवं मूल्य सूची में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। पूर्व में भी की गई शिकायतों की जांच सक्षम अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है,
ठान सिंह भार्गव का कहना है कि पंचायत चुनाव के समय से कुछ असामाजिक तत्व लगातार दुकान के संचालन में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में झूठी एवं भ्रामक शिकायतें विभिन्न स्तरों पर की जा रही हैं, जिससे शासन की योजनाओं को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम विद्याडीह टांगर एवं ग्राम सुलौनी की राशन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है और किसी भी हितग्राही को राशन से वंचित नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुलौनी में भी उनके द्वारा ही राशन दुकान संचालित किया जा रहा है, चूंकि वहाँ भंडारण के लिए जो भवन है वह जर्जर है जिससे चावल को सुरक्षित रखने की मंशा से वहाँ के चावल को विद्याडीह की दुकान में रखा गया था, जिसमें कोई गड़बड़ी नही की गई है। संचालक ने प्रशासन से मांग की है कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निराधार आरोप लगाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की जानकारी सीधे संबंधित विभाग को दें।