
उदय सिंह
रायपुर – छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर पंचायत मल्हार में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोक सेवकों को निलंबित कर दिया है। यह आदेश मंत्रालय से जारी किया गया है, जिसमें 15वें वित्त आयोग मद (टाइड फण्ड) के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु दो मिनी टिप्पर क्रय प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को आधार बनाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत मल्हार द्वारा जेम पोर्टल के माध्यम से मिनी टिप्पर क्रय हेतु बीड क्रमांक GEM/2024/B/5563890 दिनांक 06.11.2024 को आमंत्रित की गई थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पात्र फर्मों को अपात्र और अपात्र फर्मों को पात्र घोषित कर दिया गया, जिससे शासकीय प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आई। इस प्रकरण में पांच अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हुई।

शासन ने इस मामले में तत्काल प्रभाव से किरण पटेल (तत्कालीन मुख्य नगर पंचायत अधिकारी), मनीष ठाकुर (प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी), के.एन. उपाध्याय (उप अभियंता), जोयस तिग्गा (उप अभियंता) तथा अर्जुन दास (कैशियर) को निलंबित कर दिया है। इनके कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। शासन ने संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास को निर्देशित किया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण कर आरोप पत्र तैयार कर विभाग को प्रस्तुत किया जाए। शासन की इस सख्त कार्रवाई से नगरीय निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश गया है।