
उदय सिंह
बिलासपुर – जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक की मस्तूरी शाखा पर किसानों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि बैंक से केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड लोन लेने वाले 50 से अधिक किसानों के खातों में बिना उनकी जानकारी के लोन लिमिट बढ़ाई गई और फिर उनके खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। यह मामला तब उजागर हुआ जब किसान अपने केसीसी लोन का भुगतान करने या स्टेटमेंट की जानकारी लेने बैंक पहुंचे। पीड़ित किसानों के अनुसार उन्होंने कृषि कार्य के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का केसीसी लोन लिया था, लेकिन बैंक स्टेटमेंट में 3.50 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक की लोन लिमिट दर्शाई जा रही है। इसके साथ ही इन खातों से बड़ी रकम का आहरण भी किया गया है, जिसकी जानकारी न तो किसानों को है और न ही उन्होंने इस तरह की कोई राशि निकाली है। मामले के सामने आने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में आक्रोशित किसान एसबीआई मस्तूरी शाखा पहुंचे और बैंक का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

किसानों ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए बैंक अधिकारियों से जवाब मांगा। साथ ही उन्होंने मस्तूरी थाने में भी इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम डगनिया मल्हार निवासी पीड़ित किसान अशोक कुमार टण्डन ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष केसीसी लोन के तहत 1 लाख 56 हजार रुपये लिए थे। हाल ही में जानकारी मिली कि उनके खाते की लोन लिमिट बढ़ाकर 5 लाख 34 हजार 96 रुपये कर दी गई है और खाते से 4 लाख 49 हजार रुपये का आहरण दिखाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने इतनी बड़ी राशि न तो ली है और न ही किसी को निकालने की अनुमति दी है। इसी तरह ग्राम सुकुलकारी निवासी तुलसीराम बारले ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 1 लाख 83 हजार रुपये का केसीसी लोन लिया था, लेकिन उनके खाते की लिमिट बढ़ाकर 3 लाख 60 हजार रुपये कर दी गई और खाते से 2 लाख 70 हजार रुपये निकाल लिए गए। वहीं ग्राम ठाकुरदेवा निवासी किसान नोहरराम पाल ने बताया कि उन्होंने 2 लाख 11 हजार रुपये का लोन लिया था, जबकि उनके खाते की लिमिट 2 लाख 70 हजार रुपये कर दी गई और 49 हजार रुपये का आहरण दर्ज है।

किसानों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी केवल कुछ खातों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के कई गांवों के किसानों के खातों में इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जैसे-जैसे और किसान सामने आ रहे हैं, निकाली गई रकम करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित किसानों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह की धोखाधड़ी संभव नहीं है। किसानों ने मांग की है कि उनके खातों से निकाली गई पूरी राशि ब्याज सहित वापस की जाए और दोषी कर्मचारियों व अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले में एसबीआई मस्तूरी शाखा के प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक जांच की बात कही जा रही है। फिलहाल किसानों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। पीड़ित किसानों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।