
रमेश राजपूत
बिलासपुर – शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जहाँ अज्ञात आरोपी ने व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। थाना सिविल लाइन पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी प्रतीक अग्रवाल पिता राजेश अग्रवाल, उम्र 38 वर्ष, निवासी पारिजात कैसल बिलासपुर ने थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उन्होंने बताया कि 19 जनवरी 2026 को उनके परिचित डी. गुप्ता के व्हाट्सएप नंबर से दोपहर करीब 2:36 बजे एक मैसेज आया, जिसमें तत्काल 80 हजार रुपये की जरूरत बताई गई। मैसेज में आरोपी ने स्वयं को डी. गुप्ता बताते हुए प्रभुकुमार नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर यूपीआई के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने को कहा। प्रार्थी ने जब फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो कॉल कनेक्ट नहीं हुआ और व्हाट्सएप पर फ्री होकर बाद में बात करता हूं जैसा रिप्लाई आया। परिचित होने के कारण विश्वास में आकर प्रतीक अग्रवाल ने अपनी मां उमा अग्रवाल के बैंक खाते से फोन-पे के जरिए बताए गए नंबर पर 80 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तत्काल संबंधित बैंक को सूचना दी और साइबर सेल बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। इसके पश्चात थाना सिविल लाइन में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धारा 318(4) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से बचने के लिए नागरिक किसी भी प्रकार की ऑनलाइन मांग पर तुरंत पैसा ट्रांसफर न करें और पहले संबंधित व्यक्ति से प्रत्यक्ष संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें।