
उदय सिंह
मस्तूरी – स्थित सांदीपनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के नर्सिंग विभाग द्वारा बीते गुरुवार 05 जनवरी2026 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन “ट्रांसफॉर्मेटिव मैटरनिटी केयर-प्रिवेंट द प्रिवेंटेबल” विषय पर सफलता पूर्वक संपन्न हुआ इस राज्य स्तरीय कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों में नर्सिंग कोर्स प्रशिक्षार्थियों को परिवर्तनकारी मातृ देखभाल तरीकों व इससे संबंधित रोके जा सकने वाली चीज़ों को रोकने एवं आने वाली समस्याओं से अवगत कराना है। इसका कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. शुभा गरेवाल, चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर, बिलासपुर से, उनके साथ ही विशेष अतिथि के रूप में डॉ. रेणु बाला डायरेक्टर मार्क हॉस्पिटल एंड मार्क इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग बिलासपुर से, डॉ. वर्तिका गौराहा प्रिंसिपल गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग लगरा, बिलासपुर से एवं डॉ. शैलविना डी नंद प्रिंसिपल कॉलेज ऑफ नर्सिंग अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर से अपनी गरिमा में उपस्थित के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके की गई विद्यार्थियों द्वारा अति मधुर सरस्वती वंदना से सभागार शोभित हो रहा था। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत भाषण कार्यशाला सह-संयोजक श्रीमती आर सेंकाथिर सेल्वी सह-प्राचार्य नर्सिंग विभाग सांदीपनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन द्वारा दिया गया कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए अतिथियों को पौधा भेंट कर उनका यथाउचित सम्मान किया गया।

मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथियों द्वारा कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न नर्सिंग कॉलेज के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक व विद्यार्थियों को इस कार्यशाला से होने वाले लाभों व भविष्य में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई। अब कार्यशाला की प्रथम सेशन के प्रथम रिसोर्स पर्सन डॉ. कृष्णा मित्तल विभागाध्यक्ष और स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल बिलासपुर, द्वारा अपना वक्तव्य पोस्टपार्टम ब्लीडिंग विषय पर सम्पन्न करने के पश्चात सभी प्रतिभागियों को पी.पी.एच. का मैनेजमेंट: दोनों हाथों से कंप्रेशन, इंट्रायूटेराइन बैलून टैम्पोनेड पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर समझाया गया। दूसरे रिसोर्स पर्सन डॉ. श्रुति जायसवाल एम.बी.बी.एस., गई,.जी.ऑ, डी.एन.बी., की.वी.एफ. स्पेशलिस्ट लैप्रोस्कोपिक सर्जन, संजीवनी हॉस्पिटल बिलासपुर, द्वारा अपने वक्तव्य को दो भागों में बांटा गया प्रथम के फिजियोलॉजिकल बर्थ के लिए मैटरनिटी केयर के सम्मानजनक अधिकार विषय पर वक्तव्य व दूसरे भाग में लेबर केयर गाइड, पी. वी, ए.एम.टी.एस.एल पर हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दे कर। कार्यशाला के द्वितीय सेशन में प्रथम रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. दीपिका कुमार एसोसिएट प्रोफेसर गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, लकड़ा – बिलासपुर ने अपना वक्तव्य मिडवाइफरी से जुड़ी देखभाल की जानकारी (MLCU) विषय पर दिया।

भोजन पश्चात तीसरे सेशन के प्रथम रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. मार्टिना जॉन एमपीटी (ऑर्थो), आईआईपीआरई, प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर प्रैक्टिशनर, संस्थापक और निदेशक डॉ. मारुफना हीलिंग टच फिजियोथेरेपी क्लिनिक – बिलासपुर द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन में प्रसवपूर्व और प्रसवकालीन व्यायाम के टिप्स और ट्रिक्स जानने का अधिकार विषय पर विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देते हुए अपना वक्तव्य पूर्ण किया। द्वितीय रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रो. आर. सेनकाथिर सेल्वी, वाइस प्रिंसिपल, नर्सिंग विभाग सांदीपनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन बिलासपुर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को आई.यू.सी.डी. इंसर्शन – नो टच टेक्नीक से संबंधित ट्रेनिंग दी गई। कार्यशाला में 207 प्रतिभागियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करके उपस्थिति दर्ज कराई। संपूर्ण कार्यशाला के संरक्षक (पेट्रोन) डायरेक्टर श्री महेंद्र चौबे सर एवं प्रशासनिक अधिकारी(एडवाइजर) श्री विनीत चौबे सर रहे।

कार्यशाला के संयोजक डॉ पी महेन्द्र वर्मन नर्सिंग प्रिंसिपल, सह-संयोजक श्रीमती आर सेंकाथिर सेल्वी वाइस प्रिंसिपल नर्सिंग के मार्गदर्शन पर आयोजन समिति के आयोजन सचिव श्रीमती आर.एस. राम्या प्राध्यापक, सुश्री एकता जॉन सहायक प्राध्यापक, कोषाध्यक्ष- सुश्री संध्या राजवाड़े सहायक प्राध्यापक, श्रीमती वर्षा साहीस, सहायक प्राध्यापक, समिति सदस्य- सुश्री ममता विश्वकर्मा सहा प्राध्यापक, सुश्री निधि पांडे ट्यूटर व श्री सीता राम सोनी अकाउंटेंट ने अपने कर्तव्यों का सफलतापूर्वक निर्वाह किया।
कार्यशाला के अंत में श्रीमती वर्षा साहीस, सहायक प्राध्यापक, नर्सिंग विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यशाला में मंच संचालन का कार्य सुश्री एकता जॉन सहायक प्राध्यापक व निधि पांडे ट्यूटर द्वारा किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम में सांदीपनी ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के विभिन्न विभागों के प्राचार्य की गरिमा में उपस्थिति रही साथी ही विभिन्न नर्सिंग महाविद्यालय से आएं सहायक प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।