
रमेश राजपूत
जशपुर– छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अंधविश्वास का एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जादू-टोना के शक में एक महिला की बेहद निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। आरोप है कि महिला के पति, उसकी सौतन और दो अन्य लोगों ने मिलकर महिला को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला जिले के सन्ना थाना क्षेत्र के ग्राम गट्टी महुवा का है। मृतिका की पहचान गोईदी बाई 48 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार 6 मार्च 2026 को मृतिका के भाई सहलू राम ने थाना सन्ना पहुंचकर सूचना दी कि उसकी बड़ी बहन गोईदी बाई अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल निरीक्षण के दौरान पुलिस को मृतिका के शरीर और आसपास खून के निशान मिले। साथ ही मृतिका के गुप्तांग में गंभीर चोट के चिन्ह पाए गए। संदेह गहराने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत गुप्तांग में कठोर व भोंथरी वस्तु से गंभीर चोट पहुंचने के कारण हुई है और यह हत्या का मामला है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच तेज कर दी। जांच के दौरान गवाहों के बयान और संदिग्धों से पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पूछताछ में पता चला कि 5 मार्च की दोपहर मृतिका गोईदी बाई और उसकी सौतन फुला बाई के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। दोनों के बीच झगड़ा और मारपीट भी हुई। इसके बाद आरोपी फुला बाई और उसका पति ठूपन राम खेत की ओर चले गए, जहां पहले से ही सुनील राम और उसकी पत्नी सुरन्ती बाई मौजूद थे। कुछ देर बाद गोईदी बाई भी बर्तन धोने के लिए कुएं की ओर जा रही थी। इसी दौरान ठूपन राम उसे बहलाकर खेत में बनी झोपड़ी में ले गया। वहां चारों आरोपियों और मृतिका ने साथ बैठकर हड़िया पी। इसी दौरान सुनील राम ने आरोप लगाया कि उसके घर में बच्चा नहीं होने और उसके पिता को कैंसर होने के पीछे गोईदी बाई का जादू-टोना जिम्मेदार है। इसी अंधविश्वास के चलते आरोपियों ने गोईदी बाई पर हमला कर दिया। सुनील राम ने उसके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जबकि ठूपन राम और फुला बाई ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। इसके बाद सुरन्ती बाई के उकसाने पर सुनील राम और सुरन्ती बाई ने लकड़ी का डंडा महिला के गुप्तांग में डाल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घर लाकर बिस्तर पर रख दिया और ऊपर कंबल डाल दिया ताकि मामला छिपाया जा सके। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा बरामद कर लिया है। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने ठूपन राम, फुला बाई, सुनील राम और सुरन्ती बाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार इस पूरी घटना के पीछे अंधविश्वास और आपसी विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है।