
उदय सिंह
बिलासपुर – कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय के हॉस्टल से एक छात्र के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के मामले में प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के कई दिनों बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो स्पष्ट जानकारी दी और न ही सुरक्षा से जुड़े जरूरी सबूत उपलब्ध कराए। न्याय की गुहार लगाते हुए परिजन अब एसपी कार्यालय पहुंच गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार बिहार के गया जिले के रहने वाले अमरेंद्र कुमार का 19 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था और विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहता था। परिजनों के मुताबिक 5 मार्च 2026 से रोहित संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 6 मार्च की रात करीब 10:30 बजे परिवार को इसकी जानकारी दी, जबकि घटना इससे पहले हो चुकी थी।

परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने समय रहते सूचना नहीं दी, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। परिजनों ने बताया कि जब वे विश्वविद्यालय पहुंचे तो उन्हें पता चला कि रोहित का अपने एक सहपाठी पंकज के साथ करीब 5000 रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की बात सामने आई। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही तुरंत पुलिस को सूचना दी। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र की उपस्थिति और अनुपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट जानकारी देने से बच रहा है। इतना ही नहीं, छात्रावास और विश्वविद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी परिवार को नहीं दिखाई जा रही है। इससे यह आशंका और मजबूत हो रही है कि मामले में कहीं न कहीं लापरवाही या सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने यह भी संदेह जताया है कि 5 मार्च के उपस्थिति रजिस्टर में रोहित के नाम के सामने किए गए हस्ताक्षर फर्जी हो सकते हैं।

इस कारण उन्होंने हस्तलेखन की जांच कराने की मांग की है। साथ ही छात्र के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की भी मांग उठाई गई है। परिवार का कहना है कि रोहित के मोबाइल फोन से उसकी मां के नाम से कुछ संदिग्ध संदेश भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है, जबकि उसकी मां को ऐसे किसी संदेश की जानकारी नहीं है। इससे परिवार को आशंका है कि छात्र के साथ अनहोनी भी हो सकती है। इन तमाम गंभीर सवालों के बीच पीड़ित परिवार बिलासपुर एसपी कार्यालय पहुंचा और मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई। परिवार ने मांग की है कि रोहित की गुमशुदगी या संभावित अपहरण का मामला दर्ज कर सहपाठी पंकज से कड़ी पूछताछ की जाए, साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच हो।

यह मामला सामने आने के बाद डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अगर विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावास में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर ऐसी लापरवाही बरती जा रही है, तो यह हजारों छात्रों के भविष्य और सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस से निष्पक्ष जांच और छात्र की सुरक्षित बरामदगी की उम्मीद में परिवार न्याय की राह देख रहा है।