प्रशासनिक

अरपा-भैंसाझार बैराज के डूबान क्षेत्र में रह रहे बीस परिवारों के सफल विस्थापन ने बदली 102 गांवों की तस्वीर


डेस्क

विस्थापन से बैराज भरना, नहर परीक्षण संभव हुआ तो भरे गये 14 तालाब और कम बारिश में भी किसानों को मिली सिंचाई की सुविधा

अरपा-भैंसाझार बैराज के डूबान क्षेत्र में रह रहे बीस परिवारों के सफल विस्थापन ने इस इलाके की तस्वीर बदलकर रख दी है। इनके विस्थापन के बाद ही 27 किलोमीटर लंबी नहर का परीक्षण के लिये खोलना संभव हुआ । लेकिन मॉनसून में कम बारिश के दौरान नहर किनारे स्थित 102 गांवों के किसानों के लिये ये परीक्षण किसी वरदान से कम नहीं है। इन गांवों के किसान नहर से पानी लेकर खेतों में भरपूर सिंचाई कर पा रहे हैं। नहर के पानी बरबाद ना होने पाये इसके लिये सिंचाई विभाग द्वारा दोनों ओर के गांवों में स्थित तालाबों को भी भरा जा रहा है। कोपरा स्थित बांध भी नहरों से भर दिया गया है जो काफी समय से खाली पड़ा था। इससे कोपरा के किसान कम बारिश में पर्याप्त सिंचाई कर पा रहे हैं।

विस्थापन ना हो पाना बन रहा था रोड़ा – सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा कलेक्टर डॉ संजय अलंग को जानकारी दी गयी कि डूबान क्षेत्र उमरमरा गांव के 20 परिवारों का विस्थापन ना हो पाने की वजह से बैराज को नहीं भर पा रहे हैं और ना ही नहर का परीक्षण हो पा रहा है। कलेक्टर डॉ अलंग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 13 जून को सभी 20 परिवारों के लिये मुआवजे का अनुमोदन कर दिया। कलेक्टर के निर्देश पर एक सप्ताह के अंदर 20 जून तक सभी को मुआवजे का वितरण कर दिया गया। इसके बाद 30 जून तक सभी 20 परिवार को वहां से विस्थापित कर दिया गया।

विस्थापितों को मुआवजे के साथ दी गयीं सुविधाएं– विस्थापित 20 परिवारों को कुल 39 लाख का मुआवजा वितरित किया गया और कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने प्रत्येक परिवार को 50 हजार रूपये परिवहन भत्ता भी दिया। इसके अलावा विभाग की तरफ से विस्तापितों को बसाने के लिये नजदीक के नवापारा गांव में 20 प्लॉट उपलब्ध कराये गये हैं, निस्तारी तालाब, बिजली, सड़क निर्माण, राशन दुकान, कम्युनिटी हॉल बनाकर तैयार कर दिया गया है।

सिंचाई की जरूरत ना होने पर भर रहे तालाब- जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अशोक तिवारी ने बताया कि नहर का परीक्षण दोहरा लाभ दे रहा है। बारिश ना होने पर किसान नहर से पानी लेकर सिंचाई कर रहे हैं। बारिश होने पर नहर के द्वारा आस-पास के खाली पड़े तालाबों को भरा जा रहा है। अभी तक नहर किनारे स्थित 10 तालाबों को पेयजल और निस्तारी के लिये भरा जा चुका है। इसके अलावा सिंचाई के लिये 4 तालाब भरे जा चुके हैं। नहर किनारे स्थित 102 गांवों की लगभग डेढ़ लाख की आबादी नहर परीक्षण का भरपूर लाभ उठा रही है।

ये है अरपा-भैंसाझार परियोजना- अरपा-भैंसाझार परियोजना कोटा विकासखंड के ग्राम भैंसाझार के समीप अरपा नदी पर स्थित है। इस परियोजना से जिले के तीन विकासखंडों कोटा,तखतरपुर और बिल्हा के 102 गांवों के कुल 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसल में सिंचाई किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के बैराज का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। बैराज में अधिकतम जलभराव स्तर 302 मीटर है। परियोजना की मुख्य नहर की लंबाई 56.64 किलोमीटर है जिसका अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 10 जुलाई 2019 से 27 किलोमीटर नहर का परीक्षण शुरू कर दिया गया है।


error: Content is protected !!
Letest
सर्पदंश राहत प्रकरणों पर बढ़ा विवाद..'फर्जी दस्तावेज़ों का दोष अधिकारियों पर नहीं'.. प्रशासनिक सेवा ... ट्यूबवेल का स्विच बना मौत का कारण... खेत में करंट लगने से 21 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत मुंगेली: बाजार में रेकी, रात में लूट... देवरहट लूटकांड का 48 घंटे में खुलासा, 4 नाबालिग समेत 8 हिरास... बिलासपुर में बेलगाम लुटेरे! राह चलते लोगों को बना रहे निशाना...फिर 2 लूट के मामले, रात में निकलना पड... 'कौन बनेगा फुटबॉल सम्राट' के विजेताओं का सम्मान, अमर अग्रवाल बोले– खेल संस्कृति और सकारात्मक सोच को ... पचपेड़ी: पेड़ पर लटकती मिली 19 वर्षीय युवक की लाश...शाम में निकला था घर से, बिलासपुर: ऋषिकेश घूमने गया परिवार, पीछे से सूना घर बना चोरों का निशाना! एसी उखाड़कर घुसे बदमाश, लाखो... VIDEO बिलासपुर:- चप्पल के चक्कर में चली गई जान! विंध्यासर एनीकट के तेज बहाव में बहा राजमिस्त्री, दो ... बाइक की टक्कर से घायल खमतराई पूर्व सरपंच ने तोड़ा दम...आरोपी चालक की तलाश तेज अब स्पीड पर रहेगी पैनी नजर: बिलासपुर में जगह-जगह लगे गति सीमा बोर्ड, 40 किमी से तेज दौड़ाई गाड़ी तो ...