
रमेश राजपूत
गौरेला – थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बेटे द्वारा अपने ही पिता के साथ मारपीट किए जाने और बाद में समय पर इलाज नहीं कराने के कारण उनकी मौत हो गई। मामले में गौरेला पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 21 मार्च 2026 को प्रार्थी महिपाल सिंह ने थाना गौरेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 19 मार्च 2026 की शाम दरमोहली निवासी विनोद कुमार पोर्ते 35 वर्ष ने अपने पिता गुलाब सिंह पोर्ते के साथ गाली-गलौज की, उन्हें जान से मारने की धमकी दी और धान खींचने वाली लकड़ी की कुरी से बेरहमी से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर गौरेला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 20 मार्च 2026 को घायल गुलाब सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए बाहर रेफर किया था। लेकिन आरोप है कि आरोपी विनोद कुमार पोर्ते ने अपने पिता को बाहर इलाज के लिए नहीं ले जाकर वापस घर ले आया। इसी लापरवाही और गंभीर चोटों के चलते 25 मार्च 2026 को गुलाब सिंह की मृत्यु हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी द्वारा इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी को दी गई। उनके निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्याम कुमार सिदार के मार्गदर्शन में गौरेला थाना पुलिस ने तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इस मामले में मर्ग क्रमांक 27/2026 कायम कर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया। 05 अप्रैल 2026 को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतक की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 296, 351(3), 115(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने अपने पिता के साथ जानलेवा मारपीट की थी और जानबूझकर उनका समुचित इलाज नहीं कराया। पूछताछ में आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लकड़ी की कुरी तथा खून लगे लकड़ी के टुकड़े भी गवाहों की मौजूदगी में जप्त किए। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 06 अप्रैल 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 17 अप्रैल 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।