बिलासपुर

सरकारी तंत्र की मनमानी उजागर…. वीडियो वायरल होते ही हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई, दो जिम्मेदार अधिकारी हटाए गए

रमेश राजपूत

बिलासपुर – सरकारी दफ्तरों में आम जनता को होने वाली परेशानियों का एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित व्यक्ति को करीब एक साल तक फाइल के लिए भटकना पड़ा। आखिरकार तंग आकर उसने अनोखे तरीके से विरोध जताया अधिकारी को बादाम खाने की सलाह देते हुए बादाम देकर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए दो जिम्मेदार अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी तोरण साहू द्वारा 17 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया में एक वीडियो अपलोड किया गया था। वीडियो में उन्होंने हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में लंबे समय से लंबित कार्य को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष से वे अपने भवन से जुड़े दस्तावेज और फाइल के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन हर बार संबंधित अधिकारियों द्वारा फाइल नहीं मिल रही, याद नहीं आ रहा जैसे बहाने बनाकर उन्हें टाल दिया जाता था। बताया जा रहा है कि संबंधित प्रकरण बिलासपुर क्षेत्र के एक भवन से जुड़ा है, जिसमें जरूरी नामांतरण और अन्य प्रक्रिया पूरी करने के लिए फाइल की आवश्यकता थी।

पीड़ित का आरोप है कि उसने कई बार आवेदन और निवेदन किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मानसिक रूप से परेशान होकर उसने संबंधित अधिकारी पूनम बंजारे को बादाम देते हुए यह कहा कि याददाश्त बढ़ाने के लिए बादाम खाइए, और इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो के वायरल होते ही मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच करवाई, जिसमें पाया गया कि संबंधित फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया और आवेदक को बेवजह परेशान किया गया। जांच में लापरवाही और कर्तव्य में घोर उदासीनता सामने आने के बाद कार्यपालन अभियंता एल पी बंजारे, प्रभारी संपदा अधिकारी और पूनम बंजारे प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया। जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर कार्य नहीं करने और फाइल को दबाकर रखने के कारण आवेदक को लंबे समय तक परेशान होना पड़ा, जो कि प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ है। फिलहाल दोनों अधिकारियों को मुख्यालय नवा रायपुर स्थित कार्यालय में संलग्न किया गया है। यह मामला सामने आने के बाद आम लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में इस तरह की लापरवाही और मनमानी आम बात हो गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने मांग की है कि इस तरह के मामलों में केवल पद से हटाना ही नहीं, बल्कि कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी आम नागरिकों को बेवजह परेशान करने की हिम्मत न कर सके। यह घटनाक्रम एक बार फिर सरकारी तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत को उजागर करता है।

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