मस्तूरी

मस्तूरी:- एक करोड़ के घोटाले की गूंज… ग्राम पंचायत धनगवां में वित्तीय अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई, 7 दिन में रिपोर्ट देने जांच टीम गठित,

उदय सिंह

बिलासपुर – जिले के मस्तूरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत धनगवां में कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, जांच दल में जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं मनरेगा से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम में जिला स्तर के अधिकारी दीपक कुमार सुमन, उप अभियंता अनिल भारती, वर्षा शर्मा तथा तकनीकी सहायक शांति तुरियम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दल शिकायत में उल्लेखित सभी निर्माण कार्यों की स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगा और प्राक्कलन, गुणवत्ता तथा भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगा।

इन कार्यों में सामने आई अनियमितताएं

प्रशासन को प्राप्त शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तथा 15वें वित्त आयोग मद के तहत कराए गए कई निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि कई कार्यों में राशि आहरण तो कर ली गई, लेकिन या तो काम अधूरा है या फिर गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण, बोर खनन, पंप स्थापना, स्ट्रीट लाइट एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसे कार्यों में लाखों रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन कार्य या तो कागजों में ही पूर्ण दर्शा दिए गए या फर्जी मूल्यांकन कर राशि का गबन किया गया। कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए अलग-अलग योजनाओं से राशि आहरित करने का भी आरोप है। इसके अलावा, खेल मैदान समतलीकरण, सामुदायिक शौचालय निर्माण और अन्य विकास कार्यों में भी मानक के अनुरूप काम नहीं होने और फर्जी सत्यापन के जरिए भुगतान किए जाने की शिकायत की गई है। कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।

जांच पूरी होने तक खर्च पर लग सकता है रोक

शिकायतकर्ता द्वारा जिला प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत के खातों से किसी भी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाई जाए, ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके। साथ ही जनपद पंचायत मस्तूरी के संबंधित अधिकारियों को जांच प्रक्रिया से अलग रखते हुए उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की गई है।

प्रशासन का सख्त संदेश

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच दल सभी कार्यों का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करे। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले ने जिले में पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

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