
रमेश राजपूत
बिलासपुर – बिल्हा थाना क्षेत्र के मोहभट्टा मेला परिसर में 11 केवी विद्युत लाइन पर कार्य के दौरान एक ठेका कर्मी के गंभीर रूप से झुलस जाने की घटना ने ठेका कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में युवक करीब 20 प्रतिशत तक झुलस गया, जिसका उपचार सिम्स अस्पताल में जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, विद्युत लाइन से जुड़े मरम्मत कार्य के लिए ठेका कंपनी द्वारा एक कर्मी को खंभे पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था। आरोप है कि जिस लाइन पर कार्य चल रहा था, उसे पूरी तरह शटडाउन नहीं कराया गया था। इसी दौरान युवक करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ठेका कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी की गई। कर्मी को न तो मानक सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई थी और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे। हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा संसाधनों के अभाव में उसे सीधे हाई वोल्टेज लाइन पर काम करने भेज दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि विद्युत लाइनों पर कार्य से पहले लाइन का पूर्ण शटडाउन, अर्थिंग और सुरक्षा जांच अनिवार्य होती है। यदि इन प्रक्रियाओं का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। घटना ने यह भी उजागर किया है कि कई ठेका कंपनियां लागत बचाने के लिए श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता कर रही हैं। मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेका कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की जरूरत है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसे हादसे किसी कर्मी की जान भी ले सकते हैं।