
उदय सिंह
मस्तूरी – प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता आम लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना देती है। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य शुक्रवार को मस्तूरी तहसील कार्यालय में देखने को मिला, जहां तहसीलदार शिल्पा भगत ने एक बुजुर्ग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सभी का दिल जीत लिया।जानकारी के अनुसार, तहसीलदार शिल्पा भगत अपने न्यायालय में विभिन्न राजस्व मामलों की सुनवाई कर रही थीं। इसी दौरान ग्राम किरारी निवासी लगभग 80 वर्षीय बैसाखू सोनी अपनी समस्या लेकर तहसील कार्यालय पहुंचे थे। वृद्धावस्था और खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें चलने-फिरने तथा लंबे समय तक खड़े रहने में काफी परेशानी हो रही थी। सुनवाई के दौरान वे असहज स्थिति में खड़े थे।तहसीलदार शिल्पा भगत की नजर जैसे ही बुजुर्ग बैसाखू सोनी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उनकी स्थिति को समझा और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल कुर्सी मंगवाने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने बुजुर्ग को अपने सामने सम्मानपूर्वक बैठाया और स्वयं खड़े होकर उनकी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने धैर्यपूर्वक उनकी समस्या की जानकारी ली तथा संबंधित प्रकरण के निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
तहसील कार्यालय में मौजूद लोगों ने इस दृश्य को काफी सराहा। वहां उपस्थित अधिवक्ताओं और ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासनिक कार्यों के बीच किसी अधिकारी द्वारा इस प्रकार बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुविधा का ध्यान रखना अत्यंत प्रशंसनीय है। इससे आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होता है।मस्तूरी के अधिवक्ता राजीव चंदेल और सुलेखा श्रीवास ने बताया कि वे भी उस समय न्यायालय कक्ष में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग फरियादी के प्रति तहसीलदार द्वारा दिखाया गया सम्मान और संवेदनशील व्यवहार सभी के लिए प्रेरणादायक है। अधिकारियों का ऐसा मानवीय दृष्टिकोण समाज में सकारात्मक संदेश देता है।इस घटना के बाद तहसीलदार शिल्पा भगत की संवेदनशीलता और कार्यशैली की क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए भी मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देना ही एक अच्छे अधिकारी की पहचान होती है, और मस्तूरी तहसीलदार ने अपने व्यवहार से इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।