
रमेश राजपूत
बिलासपुर – कोटा थाना क्षेत्र में शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रार्थी बिहारी टोडर निवासी ग्राम नेवरा की शिकायत पर खीर सिंधु हरपाल और उनकी पत्नी रेखा हरपाल निवासी धरमपुरा नंबर-1, जगदलपुर के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दंपति पेशे से शिक्षक हैं और प्रार्थी के पूर्व परिचित बताए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने शिक्षा विभाग में उच्च अधिकारियों तक पहुंच होने का दावा करते हुए बिहारी टोडर के छोटे भाई को सहायक ग्रेड-3 के पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके एवज में 10 लाख रुपये की मांग की गई थी। शिकायत के मुताबिक, बिहारी टोडर ने जुलाई से नवंबर 2024 के बीच कुल 9 लाख रुपये आरोपियों को दिए। इसमें 3 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि 6 लाख रुपये नकद दो किश्तों में दिए गए। प्रार्थी का कहना है कि रकम का इंतजाम उसने रिश्तेदारों और अन्य लोगों से उधार लेकर किया था। चार माह के भीतर नौकरी लगवाने का वादा किया गया था, लेकिन न तो नियुक्ति मिली और न ही रकम वापस की गई। पैसे मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में प्रार्थी ने 29 अप्रैल 2026 को अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा, जो 4 मई 2026 को आरोपियों को प्राप्त हुआ, लेकिन निर्धारित समयावधि में कोई जवाब नहीं दिया गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर खीर सिंधु हरपाल और रेखा हरपाल के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।