
जुगनू तंबोली
बिलासपुर – जिले में बकरा-बकरी चोरी और खेत तैयार कराने के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से हुई 9 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रतनपुर पुलिस और साइबर सेल बिलासपुर की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों ने पूछताछ में 19 नग बकरा-बकरी चोरी की वारदात कबूल की है, इन्ही आरोपियों से कोटा थाना क्षेत्र में बुजुर्ग रिटायर्ड शिक्षक से खेत समतलीकरण के नाम पर की गई 9 लाख रुपये की ठगी का मामला भी जुड़ गया है, दोनों घटनाओं में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो वाहन पुलिस जांच में अहम कड़ी साबित हो रही है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चकराभाठा का है। यहां रहने वाले समन सिंह पैकरा ने 21 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 जून की रात उन्होंने रोज की तरह अपनी 4 नग बकरा और 15 नग बकरी को जंगल से चराकर वापस लाने के बाद कोठे में बंद कर दिया था। सुबह उठने पर देखा कि कोठे की ईंट की दीवार तोड़कर अज्ञात चोर सभी 19 पशुओं को चोरी कर ले गए हैं। शिकायत के बाद रतनपुर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी बबलू खान, अमूर खान, अमीन खान, हबीम खान, शाहरूख खान और उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद अछछन के रूप में हुई है। सभी आरोपी वर्तमान में रतनपुर क्षेत्र में रहकर मजदूरी और खेत समतलीकरण का काम मांगने के बहाने घूमते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो वाहन से गांव-गांव जाकर खेत तैयार करने का काम मांगते थे और इसी दौरान आसपास मौजूद बकरा-बकरियों की रेकी कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चकराभाठा से चोरी किए गए 19 बकरा-बकरी को उन्होंने 1 लाख 75 हजार रुपये में बेचा था, जिसमें से 25 हजार रुपये खर्च कर दिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिक्री की रकम 1 लाख 50 हजार रुपये और वारदात में प्रयुक्त महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की है।
इसी मामले से जुड़ा एक और अपराध सामने आया है यही गिरोह कोटा थाना क्षेत्र में ग्राम श्रीपारा निवासी 65 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक रामनारायण सिंह पोर्ते से भी ठगी में संलिप्त है। आरोपियों ने खेत तैयार कराने के नाम पर उन्हें झांसे में लिया था। आरोपियों ने खुद को खेत समतलीकरण करने वाला बताकर पहले भरोसा जीता और फिर 9 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। 22 जून को एक आरोपी मोटरसाइकिल से शिक्षक के पास पहुंचा और खेत दिखाने के बहाने उन्हें साथ ले गया। अगले दिन खेत में जेसीबी मशीन चलती हुई दिखाई गई। वहां मौजूद लोगों ने एक और जेसीबी बुलाने और काम जल्द पूरा कराने का दबाव बनाते हुए रुपये मांगे। पीड़ित ने पहले घर से 2 लाख रुपये दिए, इसके बाद आरोपियों के दबाव में बेटे के साथ कोटा स्थित बैंक जाकर 7 लाख रुपये निकालकर उन्हें सौंप दिए। रकम लेने के बाद आरोपी मोबाइल नंबर देने से इनकार कर मौके से फरार हो गए। जब शिक्षक खेत पहुंचे तो वहां न जेसीबी मिली और न ही कोई आरोपी। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने जिस सफेद रंग की मध्यप्रदेश नंबर की स्कॉर्पियो का उल्लेख किया था, वही वाहन रतनपुर पुलिस की कार्रवाई में जब्त किया गया है। पुलिस अब दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुट गई है। इस कार्रवाई में रतनपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विष्णु यादव सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।