
उदय सिंह
बिलासपुर– छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का महासम्मेलन-2026 रविवार को मंगला चौक स्थित रामदेव लॉन में भव्य रूप से आयोजित किया गया। प्रदेशभर से पांच हजार से अधिक सराफा व्यापारियों की मौजूदगी के बीच आयोजित इस सम्मेलन में व्यापार, सुरक्षा, कानून, हॉलमार्किंग, जीएसटी और संगठनात्मक मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

सम्मेलन के पहले सत्र में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सराफा कारोबार से जुड़े प्रमुख मुद्दों को सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने बिलासपुर में जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क की स्थापना, स्वर्ण कला बोर्ड के गठन तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317 के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन की मांग की। इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क के प्रस्ताव पर बिलासपुर संभागायुक्त से तत्काल जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने धारा 317 से संबंधित व्यापारियों की चिंताओं पर शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

मीडिया से चर्चा में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि महासम्मेलन में सराफा व्यापार और उससे जुड़े कानूनी एवं प्रशासनिक विषयों पर गंभीर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन द्वारा रखी गई स्वर्ण कला बोर्ड की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी। वहीं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सराफा व्यापारियों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और व्यापारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। बढ़ते साइबर अपराध के सवाल पर उन्होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन आज देश की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। साइबर अपराध चुनौती जरूर है, लेकिन इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
दोपहर बाद दूसरे सत्र में कार्यशालाओं और मार्गदर्शन का आयोजन
महासम्मेलन के दूसरे सत्र की शुरुआत दोपहर 2 बजे के बाद हुई, जिसमें प्रदेश संगठन की ओर से सराफा व्यापारियों के लिए विभिन्न तकनीकी और कानूनी विषयों पर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान हॉलमार्किंग, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा कानून संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश, व्यापारियों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।इसके अलावा बीआईएस (BIS) और जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यशाला आयोजित कर हॉलमार्किंग, गुणवत्ता मानकों, जीएसटी से जुड़े प्रावधानों, अनुपालन और नवीन नियमों की विस्तृत जानकारी दी। खुला मंच चर्चा के माध्यम से व्यापारियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे, जिनका मौके पर समाधान और मार्गदर्शन दिया गया।

सम्मेलन में संगठन के नए संविधान के अनुरूप सभी इकाई सदस्यों से एकमुश्त सदस्यता शुल्क लेने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सराफा एसोसिएशन के सक्रिय सदस्यों एवं पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। आभार प्रदर्शन के साथ महासम्मेलन का समापन हुआ। आयोजन को प्रदेश के सराफा व्यापारियों के लिए संगठनात्मक एकता, व्यापारिक जागरूकता और भविष्य की योजनाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
