
रमेश राजपूत
रायगढ़ – जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पहले जिस मामले को आत्महत्या माना जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकला। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब की लत, घरेलू हिंसा और जमीन मुआवजे की रकम को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद से तंग आकर पत्नी ने दो नाबालिग बालकों के साथ मिलकर अपने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए मृतक की कलाई ब्लेड से काट दी गई। पुलिस के अनुसार 25 जुलाई को ग्राम तराईमाल के धनवारपारा स्थित किराए के मकान में 50 वर्षीय गनपती लाल भगत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतक के दामाद सोनसाय उरांव ने घटना की सूचना पूंजीपथरा पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। शव के गले में साड़ी जैसी कपड़े की गांठ और बाईं कलाई पर कटने के निशान मिलने से मामला शुरू से ही संदिग्ध प्रतीत हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने मृतक के परिजनों से गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी गंगाबाई भगत टूट गई और उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि करीब एक वर्ष पहले गारे-पेलमा माइंस के लिए अधिग्रहित पैतृक जमीन के मुआवजे में गनपती लाल को लगभग 25 से 30 लाख रुपये मिले थे। आरोप है कि वह अधिकांश रकम शराब में उड़ा देता था। नशे की हालत में वह अक्सर पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। 23 जुलाई को भी शराब के नशे में घर पहुंचकर उसने परिवार के साथ विवाद किया। वर्षों से प्रताड़ना झेल रही पत्नी ने दो अपचारी बालकों के साथ मिलकर साड़ी और गमछे से उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए ब्लेड से उसकी बाईं कलाई काटकर आत्महत्या की कहानी रची गई।
पूंजीपथरा पुलिस ने गंगाबाई भगत और दोनों विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लगातार पूछताछ के आधार पर किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस हर संदिग्ध मौत की वैज्ञानिक और तथ्यपरक जांच करती है तथा कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता।