
रमेश राजपूत
बिलासपुर – किसानों की विभिन्न समस्याओं और सरकार की कथित वादाखिलाफी के विरोध में भारतीय किसान संघ 8 अक्टूबर को प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा। किसान संघ की ओर से धरना-प्रदर्शन और ट्रैक्टर रैली के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने प्रदेश के किसानों से बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है। किसान संघ ने ज्ञापन में धान खरीदी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। संघ का कहना है कि वर्ष 2022-23 की धान खरीदी की किसानों की करीब 1700 करोड़ रुपये की लंबित राशि तत्काल जारी की जाए। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में समर्थन मूल्य में की गई कुल 258 रुपये की वृद्धि का लाभ किसानों को देने की मांग की गई है। संघ ने धान की खरीदी 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग रखी है। धान खरीदी की व्यवस्था को लेकर भी संघ ने कई मांगें रखी हैं। 15 नवंबर से 15 फरवरी तक धान खरीदी कराने तथा प्रत्येक तौल में अधिकतम 40 किलो 700 ग्राम धान लेने का आदेश जारी करने की मांग की गई है। इसके अलावा टोकन व्यवस्था में सुधार करते हुए बड़े किसानों को पांच, लघु किसानों को तीन और सीमांत किसानों को दो टोकन देने की मांग है। धान खरीदी के दौरान किसानों पर दबाव डालकर खाता समर्पण कराने की प्रक्रिया बंद करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में हाल में आई बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर उचित क्षतिपूर्ति देने, गन्ने के मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने और इसे कृषक उन्नति योजना से जोड़ने की मांग भी शामिल है। संघ ने अरपा-भैंसाझार सहित अधूरी सिंचाई परियोजनाओं में तेजी लाने तथा सिंचाई संभावनाओं वाली नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने की मांग की है।
इसके अलावा बाजार में अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों पर कार्रवाई, विद्युत विभाग के निजीकरण पर रोक और भूमि अधिग्रहण में भारतीय एग्रो इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के उदयपुर डिक्लेरेशन के अनुसार प्रक्रिया अपनाने की मांग की गई है। रबी सीजन में जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मक्का और गेहूं की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की मांग रखी गई है। किसान संघ ने गौ संरक्षण और गौ आधारित खेती को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। संघ ने गौवंदन योजना लागू करने और जी-राम-जी योजना को गौ संरक्षण एवं संवर्धन से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। प्रतिनिधि सभा के प्रस्ताव में गौपालक किसानों को प्रति गौवंश प्रतिदिन 50 रुपये प्रोत्साहन राशि देने, गौवंश का पंजीयन-टैगिंग कराने तथा गौ आधारित जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की मांग भी की गई है। 8 अक्टूबर को होने वाला यह आंदोलन किसानों की लंबित आर्थिक मांगों, धान खरीदी की व्यवस्था और कृषि से जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर सरकार के सामने संघ की नाराजगी दर्ज कराने का माध्यम होगा।