
रमेश राजपूत
बिलासपुर – रेलवे स्टेशन बिलासपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेल पुलिस ने एक युवक को 15 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 7 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले का निवासी है, जो ट्रॉली बैग में गांजा छिपाकर ले जा रहा था। रेल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। रेल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर एवं उप पुलिस अधीक्षक रेल बिलासपुर के निर्देश पर ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 28 अक्टूबर 2026 को रेल पुलिस की टीम बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और 8 पर संदिग्ध यात्रियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक युवक पर पड़ी। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की और उसके सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के पास मौजूद ट्रॉली बैग के अंदर गुलाबी रंग के टॉली बैग में रखा गांजा बरामद हुआ। जांच में गांजे का कुल वजन 15 किलोग्राम पाया गया।
जबलपुर का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय मेहरा, पिता रामसेवक मेहरा, उम्र 37 वर्ष, निवासी गढ़ा थाना, जिला जबलपुर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से बरामद गांजे की कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये बताई गई है।
रेल पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) में अपराध दर्ज कर आरोपी को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
तस्करी के नेटवर्क की जांच जरूरी
रेलवे स्टेशन पर गांजे की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है। तस्करी के स्रोत और संभावित नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव, सउनि विश्वनाथ चक्रवर्ती सहित रेल पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
