
उदय सिंह
बिलासपुर – सरकारी काम के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजस्व विभाग में कार्रवाई हुई है। मामले में पटवारी ऋषिपूरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार पचपेड़ी की जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने और लेने की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा ने निलंबन का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपूरी गोस्वामी की 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर प्रसारित हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद प्रकरण की जांच कराई गई। तहसीलदार पचपेड़ी ने 28 अक्टूबर 2026 को अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित पाया गया कि पटवारी ने शासकीय राजस्व कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की और रकम ली थी।
शासकीय सेवा नियमों का उल्लंघन
जांच प्रतिवेदन के आधार पर पटवारी का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत पाया गया। इसे गंभीर कदाचरण मानते हुए विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की। आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस कृत्य से शासन की छवि धूमिल हुई है।
कोटा एसडीओ कार्यालय होगा मुख्यालय
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए ऋषिपूरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कोटा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। रिश्वत लेते वीडियो वायरल होने के बाद हुई इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
