
उदय सिंह
बिलासपुर – मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार चौकी अंतर्गत संचालित अमन फ्लाई ऐश ब्रिक्स कंपनी में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। मशीन की सफाई कर रहे एक मजदूर के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसमें वह मशीन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। मजदूर के दाहिने हाथ, सीने और कमर में चोटें आईं। मामले में मल्हार पुलिस ने कंपनी के खिलाफ बीएनएस की धारा 125(बी) और 289 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार ग्राम जैतपुर मल्हार निवासी अमर भारती अमन फ्लाई ऐश ब्रिक्स कंपनी में करीब एक महीने से ईंट बनाने का काम कर रहा था। 15 अक्टूबर 2026 को वह रोजाना की तरह सुबह करीब 7 बजे काम पर पहुंचा था। शाम लगभग 5 से 5:30 बजे के बीच वह मशीन बंद कर उसकी सफाई कर रहा था। इसी दौरान किसी ने अचानक मशीन चालू कर दी। मशीन चालू होते ही अमर उसकी चपेट में आ गया और उसके दाहिने हाथ, सीने तथा कमर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों ने किसी तरह उसे मशीन से बाहर निकाला। इसके बाद कंपनी के मालिक रानू टंडन उसे उपचार के लिए बिलासपुर स्थित संजीवनी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मालिक वहां से चले गए और घायल मजदूर का उपचार जारी रहा।
अमर भारती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा मशीन को बंद और चालू करने के लिए अलग से प्रशिक्षित मैकेनिक की व्यवस्था की जाती तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाते तो इस हादसे को टाला जा सकता था। घटना के बाद उपचार कराने में व्यस्त रहने के कारण उसने 6 नवंबर को पुलिस चौकी मल्हार पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मशीन की सफाई के दौरान अचानक उसका चालू हो जाना बताता है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल, मशीन संचालन और निगरानी व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते मशीन को बंद-चालू करने की सुरक्षित व्यवस्था और प्रशिक्षित ऑपरेटर की तैनाती होती तो मजदूर इस हादसे का शिकार होने से बच सकता था। सवाल यह भी है कि क्षेत्र में संचालित फ्लाई ऐश ब्रिक्स और अन्य औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं? प्रशासन और संबंधित विभाग को ऐसे उद्योगों का नियमित निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की जांच करनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले मजदूरों की जान और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।