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मीडिया द्वारा लगातार सतर्क करने और समाचार प्रकाशित, प्रसारित करने के बावजूद अभी लोग रकम दोगुना होने की लालच में अपने खून पसीने की कमाई गवा रहे हैं। ऐसा ही कुछ बिलासपुर इंदिरा विहार तार बाहर में रहने वाले मितेश चौकसे के साथ भी हुआ । मितेश का संपर्क मध्यप्रदेश की एक कंपनी में काम करने वाले अतुल यादव से हुआ था। जिसने उसे बताया था कि उसकी कंपनी में रकम निवेश करने पर बहुत ही कम समय में रकम दुगनी लौटाई जाती है। कम समय में रकम दोगुनी होने की लालच में आकर नितेश चौकसे ने अतुल यादव के खाते में 12 लाख रुपए जमा कर दिए। मियाद पूरी होने पर उसे एहसास हुआ कि उसने झांसे में आकर गलत जगह रकम निवेश कर दी है। जिसके बाद वहां अतुल यादव से रकम वापस मांगने लगा, लेकिन छतरपुर मध्य प्रदेश में रहने वाला अतुल यादव रकम वापस करने में आनाकानी करता रहा। लिहाजा 4 मई को मितेश चौकसे ने तार बाहर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी अतुल यादव फरार हो गया और रिश्तेदारों के यहां छुपता फिरता रहा। इसी दौरान साइबर सेल को पता चला कि आरोपी अतुल यादव छतरपुर इलाके में मौजूद है। तत्काल एक टीम बनाकर मध्य प्रदेश के छतरपुर भेजी गई, जहां अतुल यादव अपने ही घर पर छुपा हुआ मिला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार होने के बाद अतुल यादव ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। मितेश चौकसे जैसे लोग आम लोगों के लिए सबक है जो लालच में पड़कर अपने खून पसीने की कमाई ठगों को सौंप देते हैं।